Jail Viral Video: हिलसा उपकारा में मोबाइल और नशा का ‘कारोबार’ ! जेल प्रशासन से मिलीभगत का आरोप
Jail Viral Video: सुधीर कुमार ( एसडीओ, हिलसा नालंदा) ने बताया की इस पूरे मामले की जांच के लिए 8 लोगों की टीम का गठन किया था। उपकारा में 8 पुरुष और एक महिला वार्ड में पूरी तरह से छापेमारी की गई, लेकिन कुछ भी बरामद नहीं ..
Jail Viral Video: बिहार में अपराधी तो बेखौफ़ वारदात को अंजाम दे ही रहे हैं, आए दिन आपराधिक वारदातों की खबर सुनने को मिलती है। लेकिन अब जेल में बंद कैदी के कारनामे से पुलिसिया कार्यैशैली पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल हिलसा उपकारा (नालंदा) से का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो का मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तुंरत कार्रवाई करते हुए शनिवार शाम करीब 2 घंटे तर छापेमार कार्रवाई की गई। आइए विस्तार से जानते हैं क्या है पूरा मामला।

हिलसा उपकारा प्रशासन पर गंभीर आरोप
नालंदा डीएम के निर्देश पर एसडीओ सुधीर कुमार की अगुवाई में एक टीम गठित कर जेल में छापेमारी की गई। लेकिन पुलिस को कार्रवाई के दौरान कुछ भी हासिल नहीं हुआ। शोसल मीडिया पर वायरल वीडियो हिलसा उपकारा है, जहां जेल में बंद कैदी मोबाइल बेचने और नशा के कारोबार की बात कर रहे हैं। इसके साथ कैदी जेल में ताश खेलते हुए खुलेआम मोबाइल का इस्तेमाल भी करते हुए नज़र आ रहे हैं।
Recommended Video

जेल में खुलेआम नशे का ‘कारोबार’
वीडियो में एक व्यक्ति की पीछे से आवाज़ सुनाई दे रही है, जो हिलसा जेल प्रशासन से मिलीभगत की बात कह रहा है। व्यक्ति विभिन्न मोबाइल का दाम बता रहा है, उसके बाद खुलेआम शराब पीने की बात बोल रहा है। इतना ही नहीं हाथ में गांजा लेकर भी दिखा रहा है। इसके अलावा फिर वह पूरे जेल का भी नज़ारा दिखा रहा है। वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि जेल प्रशासन से मिलीभगत कर जेल में जो भी सुविधा चाहिए मिल सकता है। गौरतलब है कि वीडियो जेल के अंदर ही बनाया गया है और वीडियो में कैदी भी नज़र आ रहे हैं।

जेल प्रशासन पर मिलीभगलत का आरोप
जेल में बंद कैदियों के वीडियो वायरल होने पर विभिन्न लोगों ने तरह-तरह के सवाल भी उठाए हैं, लोगों का कहना है कि जेल में प्रतिबंधित सामान कैसे पहुंचा, इन सब के पीछे कौन है, वहीं लोगों का यह भी आरोप है कि जेल प्रशासन ही मदद से ही यह काम मुमकिन हुआ है, अगर जेल प्रशासन मामले में सख्त होता तो इस तरह खुलेआम जेल में बंद कैदियों के माबाइल और नशे के ‘कारोबार' का वीडियो वायरल ही नहीं होता। इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

'जेल वार्ड संख्या 4 का वायरल हुआ था वीडियो'
सुधीर कुमार ( एसडीओ, हिलसा नालंदा) ने बताया की इस पूरे मामले की जांच के लिए 8 लोगों की टीम का गठन किया था। उपकारा में 8 पुरुष और एक महिला वार्ड में पूरी तरह से छापेमारी की गई, लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। वहीं उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो वार्ड संख्या 4 का था, पहले कुछ कैदी यहां थे। पूछताछ में पता चला कि जेल प्रशासन द्वारा पहले ही उन लोगों पर कार्रवाई की गई थी, कैदियों दूसरे जेल में स्थान्तरित किया गया है। अब उनलोगों में से कोई भी कैदी इस जेल में नहीं है। वहीं उन्होंने कहा कि मामले को ध्यान में रखते हुए आगे भी जांच करते रहेंगे।
ये भी पढ़ें: Love Affair: प्रेमी जोड़े ने कहा 'जिएंगे तो साथ मरेंगे तो साथ', ग्रामीणों ने करवा दी मंदिर में शादी












Click it and Unblock the Notifications