छत्तीसगढ़, त्रिपुरा के राज्यपाल रहे दिनेश नंदन सहाय का 82 साल की उम्र में निधन
पटना। बिहार के मधेपुर के रहने वाले दिनेश नंदन सहाय का निधन 82 वर्ष की उम्र में राजधानी पटना के एक निजी नर्सिंग होम में हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। रविवार की रात करीब 8:30 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका देहांंत हो गया। वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकल कर दो राज्यों, छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा के राज्यपाल बने।

सबसे पहले आपको बताते चलें कि दिनेश नंदन सहाय का जन्म 1936 बिहार के मधुबनी जिले के मधेपुर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम देव नंदन सहाय और माता किशोरी देवी थीं। दिनेश नंदन सहाय का पालन-पोषण राजधानी पटना में हुआ। मध्यमवर्गीय परिवार के होते हुए भी उन्होंने अंग्रेजी में एमए की डिग्री हासिल की और भोजपुर जिले के हर प्रसाद दास जैन कॉलेज आरा में प्रवक्ता के रूप में अपने करियर का शुरुआत की।
वहीं वर्ष 1968 में 24 वर्ष की उम्र में उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन किया और भारतीय पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने समता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की जिसके बाद वह 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से पृथक होकर बने छत्तीसगढ़ राज्य के पहले राज्यपाल नियुक्त किए गए। फिर वर्ष 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रहे और 2003 में त्रिपुरा के राज्यपाल का पदभार संभाला।
उनके निधन से पूरे परिवार में शोक की लहर कायम है। राजनीतिक गलियारों में भी लोग शोक मना रहे हैं। दिनेश नंदन के निधन की खबर सुनते ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक व्यक्त किया और कहा कि सहाय के निधन से एक अपूर्णीय क्षति हुई है। दिनेश नंदन सहाय एक कुशल राजनेता, पुलिस अधिकारी एवं कर्मठ समाजसेवी थे। उनके निधन से न केवल राजनीतिक, बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी अपूर्णीय क्षति हुई है। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।












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