Flashback 2022: नीतीश सरकार के वो बड़े फैसले जिससे हुई सियासी पकड़ मज़बूत, CM की बढ़ी लोकप्रियता
बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद लोगों का कहना था कि तख्ता पलट हुआ है लेकिन सीएम वही है। जनता के हितों के लिए कुछ नहीं होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसे फ़ैसले लिए कि सियासी गलियारों में लोग उनके मुरीद हो गए।

Flashback 2022 : बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ थी कि प्रदेश में सिर्फ़ सत्ता परिवर्तन हुआ है, मुख्यमंत्री का चेहरा वही है। जनता जिस तरह से पहले बदहाल थी अब भी हालात वैसे ही रहने वाले हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन चर्चाओं पर वीराम देते हुए कई ऐसे फ़ैसले लिए जिससे उनकी सियासी पकड़ पहले से ज्यादा मज़बूत हो गई। नीतीश कुमार की कैबिनेट में कई अहम एजेंडों पर मुहर लगाई गई जो कि नीतीश कुमार के लिए सियासी बूस्टर साबित हुए।

राज्य कर्मियों को सीएम ने दिया तोहफा
सैप में काम कर रहे कुल 3 हज़ार 953 सेवानिवृत्त सैनिकों की अनुबंध अवधि को कैबिनेट 2022-2023 तक बढ़ाने का फ़ैसला लिया। सीएम नीतीश के इस फ़ैसले की काफी सराहना हुई। वहीं बिहार प्रोबेशन निदेशालय में 137 अतिरिक्त लिपिक संवर्ग के पदों की स्वीकृति दी गई, इसमें 97 निम्न वर्गीय लिपिक, 30 उच्च वर्गीय लिपिक और 10 प्रधान लिपिक शामिल थे। नीतीश सरकार ने राज्य कर्मियों और पेंशन भोगियों को भी बड़ा तोहफ़ा देते हुए महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा किया था। आपको बता दें कि पहले राज्य कर्मियों को 34 फिसद महंगाई भत्ता मिलता था। जिसे प्रदेश सरकार ने बढ़ाकर 38 फीसद कर दिया।

नीतीश कुमार ने लिए कई अहम फ़ैसले
सैप में कार्यरत कुल 3953 सेवानिवृत्त सैनिकों की अनुबंध अवधि बढ़ाने और प्रोबेशन निदेशालय में अतिरिक्त लिपिक संवर्ग के पदों को मंजूरी देने के बाद, सरकार के ऊपर हर साल 5 करोड़ 25 लाख से ज्यादा का खर्च का बोझ बढ़ गया। इन सब के अलावा सरकार ने निवेश प्रोत्साहन नीति को और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए भी संशोधन किए। जिसमें आईटी पार्क, कॉल सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक फेब्रिकेशन, स्टार्टअप को-वर्किंग स्पेस, स्टार्टअप हब, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क, रिसर्च लाइव और ऑनलाइन परीक्षा केंद्र को शामिल किया गया। इन सभी के लिए सरकार ने बियाड़ा की जमीन आवंटित की।

प्रोत्साहन राशि हासिल करने का बढ़ाया दायरा
200 करोड़ से ज्यादा लागत वाले इन परियोजना की इकाइयों के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि हासिल करने का दायरा 5 साल से बढ़ाकर 7 सालों तक कर दिया। इसके मद्देनज़र दो करोड़ से कम निवेश प्रस्ताव पर राज्य प्रोत्साहन निवेश बोर्ड को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में फैसला लेने के लिए प्रा फैसला लेने के प्राधिकृत किया है। इसके अलावा किसानों को राहत देते हुए सुखाड़ के मद्देनज़र 100 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि डीजल अनुदान मद में मंजूर किया गया।
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