Bihar Police: बिहार में नए आपराधिक कानून के तहत पहली सजा, पूरी टीम सम्मानित, विस्तार से जानिए मामला

Saran Bihar Police News: 01 जुलाई 2024 से पूरे देश में नए आपराधिक कानून लागू हो चुका है। अब सभी कांड नए कानून बी.एन.एस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत दर्ज किये जा रहे हैं। नए आपराधिक कानून के अन्तर्गत इनका अनुसंधान एवं विचारण किया जा रहा है। बिहार पुलिस के द्वारा नए आपराधिक कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु पूर्व से ही पूरी तैयारियां की गयी थी।

25 हजार के करीब अनुसंधानकर्ताओं, पदाधिकारियों को विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण दिलाया गया है। नए आपराधिक कानून में वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को विशेष महत्व दिया गया। 07 वर्ष के ऊपर की सजाओं में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच को अनिवार्य किया गया है।

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इसको ध्यान में रखते हुए बिहार पुलिस के द्वारा भी अपने अनुसंधानकर्ताओं को विधि विज्ञान एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के संदर्भ में भी विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया है। इस रिज़ल्ट सारण जिला के रसुलपुर थाना में दर्ज तिहरे हत्याकांड के अभियुक्तों को सज़ा दिलाने में दिखा।

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      Bihar Police: बिहार में नए आपराधिक कानून के तहत पहली सजा, पूरी टीम सम्मानित, विस्तार से जानिए मामला

      वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए बिहार पुलिस महानिदेशक आलोक राज ने बताया कि नए आपराधिक कानून बी.एन.एस के तहत घटना के 50वें दिन आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार अर्थदण्ड की सजा दिलायी गयी। नए आपराधिक कानून के अन्तर्गत गंभीर कांडों में यह पहली सजा है।

      पिछले 17 जुलाई 2024 को सारण जिला के रसुलपुर थाना अन्तर्गत धानाडीह गांव में एक मकान के छत पर 03 लोगों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में रसुलपुर थाना कांड सं0-133/24 दि 17 जुलाई 2024, धारा-103 (1)/109 (1)/329 (4)/3(5) बी.एन.एस दर्ज किया गया था।

      कांड के प्राथमिकी अभियुक्त सुधांशु कुमार उर्फ रौशन (उम्र करीब 19/20 वर्ष), पीड़ित परिवार की बेटी के साथ विवाह करना चाहते थे, जिसका विरोध पीड़ित पक्ष के द्वारा किया गया था। इसी गुस्से में प्लानिंग के साथ सुधांशु कुमार उर्फ रौशन अपने एक अन्य साथी अंकित कुमार (उम्र करीब 19/20 वर्ष) के पीड़ित परिवार के मकान के छत पर चढ़े और 3 लोगों की धारदार हथियार से हत्या कर फरार हो गये।

      इस मामले तुरंत कार्रवाई के मद्देनज़र वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन एवं संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक, सारण के निर्देशानुसार विभिन्न टीमों यथा-अनुसंधान टीम, छापामारी टीम, फॉरेंसिक टीम एवं अभियोजन टीम का गठन किया गया था।

      एफ.एस.एल टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर सबूतों को इकट्ठा कर जांच के विधि विज्ञान प्रयोगशाला पटना भेजा गया। इस कांड के अभियुक्त रौशन कुमार की निशानदेही पर अभियुक्त अंकित कुमार रसुलपुर उसके घर से गिरफ्तार किया गया। घटना में इस्तेमाल चाकू को बरामद कर आगे की कार्रवाई की गई।

      घटनास्थल पर पहुँची फॉरेंसिक टीम के एक्सपर्ट के द्वारा संकलित किये गये कुल 18 प्रदर्शों को जब्त कर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पटना भेजा गया था। जांच रिपोर्ट हासिल कर न्यायालय में जमा किया गया। त्वरित अनुसंधान एवं कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त दो अभियुक्तों सुधांशु कुमार और अंकित कुमार को 1 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया गया।

      अन्य बिन्दुओं पर वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान त्वरित गति से पूर्ण करते हुए 14 दिन में अभियुक्तों के विरूद्ध माननीय न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित किया गया। आरोप-पत्र समर्पित करने के बाद न्यायालय द्वारा 13 अगस्त 2024 से स्पीडी ट्रॉयल चलाया।

      03 सितम्बर 2024 को दोनों आरोप-पत्रित अभियुक्तों को धारा-103(1)/109(1)/329 (4) बी.एन.एस के तहत दोषी करार दिया गया था। ग़ौरतलब है कि 13 अगस्त से प्रत्येक कार्य दिवस को लगातार अभियोजन पक्ष की गवाही कराते हुए जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजे गये प्रदर्शों का बायोलॉजिकल, डी.एन.ए, सेरोलॉजिकल रिपोर्ट हासिल कर न्यायालय में समर्पित किया गया।

      तकनीकी साक्ष्य तथा 12 अभियोजन साक्षियों की गवाही 30 अगस्त को सम्पन्न करायी गयी तथा अभियुक्त पक्ष का भी बयान लिया गया। 5 सितम्बर 2024 को घटना के 50वें दिन पुनीत कुमार गर्ग, जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में सुनवाई हुई।

      इस घटना के संदर्भ में सारण पुलिस द्वारा किये गये अनुसंधान को सही मानते हुए दोषी पाया। दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। सारण पुलिस द्वारा इस घटना में पीड़ित परिवार को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत् अधिकतम मुआवजा राशि दिलाने हेतु सम्बंधित प्राधिकार से अनुरोध भी किया गया है।

      इस हत्याकांड के अनुसंधान और ट्रायल (विचारण) से जुड़े सभी व्यक्तियों के द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है, जिस कारण इस तरह की जघन्य घटनाओं में त्वरित अनुसंधान एवं विचारण के परिणामस्वरूप घटना के 50वें दिन अभियुक्तों को सजा दिलायी जा सकी।

      इस हत्याकांड के अनुसंधान एवं विचारण से जुड़े सभी पुलिस पदाधिकारियों, लोक अभियोजक एवं सहायक लोक अभियोजक पदाधिकारियों की बिहार पुलिस सराहना करती है। पुलिस, फॉरेंसिक एवं अभियोजन टीम से जुड़े पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।

      डॉ. कुमार आशीष, भा.पु.से. पुलिस अधीक्षक, सारण, सुरेन्द्रनाथ सिंह, लोक अभियोजक, व्यवहार न्यायालय, सारण, राजकुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-2, सारण, पु०नि० राकेश कुमार सिंह, प्रभारी अभियोजन कोषांग, पुलिस कार्यालय, सारण, पु०अ०नि० रविन्द्र कुमार, अनुसंधानकर्ता, रसुलपुर थाना, सारण और रत्ना राभा, फॉरेंसिक विशेषज्ञ, सारण को आज पुलिस महानिदेशक, बिहार के द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है।

      अन्य जिलों से भी अपेक्षा की जा रही है कि वहां भी पुलिस फॉरेंसिक एवं अभियोजन से जुड़े सभी पदाधिकारी साथ मिलकर इसी मनोयोग से कार्य करेंगें एवं त्वरित विचारण कराकर अभियुक्तों को वैद्यानिक तरीके से सजा दिलवाने में सहयोग करेंगे।

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