Bihar Politics: NDA के साथ CM नीतीश ने सरकार तो बना ली, फिर भी तेजस्वी को हुआ फ़ायदा
Bihar Political News: बिहार में नीतीश कुमार ने एनडीए के साथ जाकर सरकार तो बना ली है लेकिन फ्लोर टेस्ट अभी बाकी है। राजद भी सरकार बहुमत से कुछ ही फासलों पर है। यही वजह है कि जदयू और भाजपा ने अपने विधायकों पर पैनी निगाह रखी हुई है। कहीं ऐसा ना हो कि फ्लोर टेस्ट से पहले खेला हो जाए।
सियासी गलियारों में यह भी चर्चा तेज़ है कि सीएम नीतीश कुमार ने एनडीए के साथ जाकर अपनी कुर्सी तो बचा ली लेकिन तेजस्वी को सियासी फ़ायदा पहुंचा गए। अब आप सोच रहे होंगे कि नीतीश कुमार फिर से सीएम बन गए तो तेजस्वी यादव को फायदा कैसे हुआ। आइए समझते हैं।

नीतीश कुमार के पाला बदलने के बाद अब तेजस्वी यादव खुद की ब्रांडिग अच्छे से कर पाएंगे। जैसे पहले किसी भी कार्य का श्रेय राजद और जदयू (तेजस्वी और नीतीश) को देते थे। लेकिन अब तेजस्वी यादव खुद का श्रेय लेते हुए महागठबंधन सरकार में हुए विकास कार्यों की लिस्ट गिना रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए में जाकर भाजपा का कमल खिला रहे हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव जदयू के मुस्लिम मतदाताओं को अपने पाले में आसानी से ला सकेंगे, क्योंकि मुस्लिम मतदाताओं के बीच भाजपा का जनाधार ना के बराबर है। और नीतीश कुमार ने भाजपा से हाथ मिला लिया है।
लोकसभा चुनाव में 16 सीटों पर जदयू ने चुनाव लड़ने की बात कही थी, इसमें सीटों के लेकर भी पार्टी नेताओं के बीच मतभेद होता। अब नीतीश कुमार के जाने से सीटों की तादाद बढ़ी। इंडिया गठबंधन के साथियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद नहीं होगा।
शिक्षक नियु्क्ति का श्रेय तेजस्वी यादव ले रहे हैं, ऐसे में शिक्षक परिवार का झुकाव कहीं न कहीं तेजस्वी की तरफ़ है। इससे सियासी माइलेज चुनाव में मिल सकता है। वहीं नीतीश कुमार पर धोखा करने का आरोप लगाते हुए जदयू के यादव वोटरों को अपने पाले में लाने में कामयाबी हासिल कर सकते हैं। ऐसे में यह कहना ग़लत नहीं होगा की नीतीश कुमार वे अपने फ़ायदे के लिए पाला बदला लेकिन फायदा तेजस्वी का हो गया।












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