Bihar Politics: 'विधानसभा चुनाव 2025 फिल्म' का स्क्रिप्ट तैयार कर रहे Chirag Paswan, CM नीतीश से 3 प्रमुख मांग
Chirag Paswan, Bihar Politics: चिराग पासवान ने मुजफ्फरपुर में एक दलित बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और उसके बाद इलाज में हुई लापरवाही को लेकर नीतीश सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
चिराग पासवान ने सिस्टम को बताया विफल: चिराग पासवान ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह घटना राज्य की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता को दर्शाती है। उन्होंने इस घटना के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेजे अपने पत्र में कहा है कि 26 मई को मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में एक नौ साल की दलित बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ और फिर उसे जान से मारने की कोशिश की गई, जिसने पूरे बिहार को हिला कर रख दिया है।
चिराग पासवान ने कहा कि "यह हृदयविदारक घटना न केवल एक मासूम जीवन की बर्बर हत्या का प्रयास है, बल्कि हमारे राज्य की कानून व्यवस्था, सामाजिक चेतना और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की पूरी विफलता को भी उजागर करती है।" यह मामला सामाजिक सिस्टम और राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी की विफलता है। अगर इस पर शासन चुप रहता है, तो यह चुप्पी सबसे बड़ा अपराध बन जाएगी।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. राजेश भट्ट ने जानकारी दी कि चिराग पासवान ने यह पत्र बुधवार को नीतीश कुमार को भेजा था। चिराग ने अपने पत्र में लिखा है कि पीड़िता छह दिनों तक जिंदगी के लिए जूझती रही, लेकिन 1 जून को पीएमसीएच में उसने दम तोड़ दिया।
चिराग पासवान की मांग: बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए छह घंटे तक एम्बुलेंस में तड़पने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि एक अपराध है। चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं।
1. दुष्कर्म करने वाले को तुरंत गिरफ्तार करके कड़ी सजा दी जाए।
2. पीएमसीएच अस्पताल के प्रशासन, डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
3. इलाज में जानबूझकर देरी करने और अमानवीय व्यवहार दिखाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए।
नाबालिग दुष्कर्म मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम जल्द सौंपेगी रिपोर्ट: मुजफ्फरपुर में नाबालिग से दुष्कर्म की घटना और उसके बाद इलाज में लापरवाही के आरोपों की जांच के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग की कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले की जांच के लिए मंगलवार को डायरेक्टर इन चीफ डॉ. आरएन चौधरी, डॉ. बीके सिंह और डॉ. प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक जांच टीम बनाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, विभाग द्वारा गठित जांच टीम ने बुधवार को पीएमसीएच और एसकेएमसीएच का दौरा करके अपनी जांच पूरी कर ली है। उम्मीद है कि यह रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपी जाएगी।
सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट के आधार पर कई अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। बता दें कि इस मामले में पहले ही एसकेएमसीएच की अधीक्षक और पीएमसीएच के प्रभारी उपाधीक्षक पर कार्रवाई हो चुकी है।
मुजफ्फरपुर कांड, पीड़ित परिवार को पेंशन: मुजफ्फरपुर में दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद सरकार की ओर से उसके परिवार को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बताया कि पहली किस्त के तौर पर 4,12,650 रुपये उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।
इस अनुग्रह राशि के अलावा, मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी की ओर से मृतका के परिवार को हर महीने 7,750 रुपये की पेंशन भी स्वीकृत की गई है। 27 मई, 2024 से 31 मई, 2024 तक की पेंशन राशि 1,250 रुपये उसके खाते में जमा कर दी गई है। जून महीने की पेंशन 5 जुलाई तक दे दी जाएगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि वह मृतका के परिवार के पुनर्वास और सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। दुष्कर्म पीड़िता के इलाज में लापरवाही बरतने वाले दो चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने दुष्कर्म के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके उनके खिलाफ त्वरित सुनवाई (स्पीडी ट्रायल) करने का फैसला किया है। मुजफ्फरपुर में दलित बच्ची के साथ हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। सरकार इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है।












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