Caste Census: Bihar में जातियों के कोड के अलावा भी अंक से जाने जाएंगे कई रिश्ते, जानिए रिश्तों का कोड
Caste Census Bihar: बिहार में अब जातियों की पहचान नंबरों से होगी, इसके साथ रिश्तेदारों के लिए भी कोड तय किए गए हैं। आईए जानते हैं रिश्तों का कोड

Bihar Relatives Code: बिहार में जाति कोड के साथ-साथ धर्म, रिश्तेदार, शिक्षा, पेशा, लैपटॉप और वाहनों के लिए भी कोड निर्धारित किया गया है। वहीं कुंवारों का कोड नंबर 1, विवाहित लोगों का कोड नंबर 2, बेटा-बेटी के लिए कोड नंबर 3, पोता, पोती,नाती और नातिन के लिए कोड नंबर 4 तय किया गया है।
तलाकशुदा के लिए कोड नंबर 5, बहू और घर जमाई बाबू का कोड नंबर 7, सास-ससुर के लिए कोड नंबर 9, छात्रों के लिए कोड नंबर 13, घरेलु महिला के लिए कोड नंबर 14 तय किया गया है। इन सबके अलावा परिवार में पुरुष के लिए 1 नंबर कोड, महिला के लिए 2 नंबर कोड और अन्य के लिए कोड नंबर 3 तय किया गया है। परिवार के मुखिया के लिए 1 नंबर कोड होगा, वहीं पति-पत्नी के लिए कोड नंबर 2 होगा।
आपको बता दें कि आजादी के बाद पहली बार बिहार में किन्नरों को लिंग से नहीं जाति से पहचान दी गई है। अन्य जाति की तरह किन्नरों की जाति का भी कोड नंबर (22) है। हालांकि किन्नर समुदाय कोड निर्धारण के खिलाफ है। बिहार में किन्नरों की मुखिया मुखर लेखक-वक्ता रेशमा प्रसाद का कहना है कि जाति का निर्धारण जन्मे देने वाले माता पिता से होता है, तो फिर सरकार किन्नरों के लिए अलग जाति कैसे कर सकती है?
बिहार में कोड व्यवस्था पर आम लोगों का कहना है कि हर चीज़ को कोड ही दिया जा रहा है। धर्म, जाति, वर्ग, लिंग, छात्र परिवार का मुखिया, सास-ससुर, बहू-दामाद आदि जैसे रिश्तों का कोड एक दूसरे से मैच भी हो सकता है। लोग कोड व्यवस्था से कन्फ्यूज़ हो रहे हैं। सरकार इन सब पर ध्यान ना देकर विकास पर ध्यान दे, तो प्रदेश के हालात ही सुधर जाएंगे।यह सब सिर्फ सियासी खेल है, इससे विकास कार्यों का कोई लेना-देना नहीं है। वोट बैंक की राजनीति के लिए सरकार ये सब करवा रही है।
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