Bihar Politics: 20 मिनट ही चली कैबिनेट की बैठक, क्या नीतीश सरकार में सबकुछ ठीक?
Bihar Political News: बिहार में आगामी चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पक्ष-विपक्ष के बीच ज़ुबानी जंग जारी है। वहीं नीतीश कुमार की एनडीए की वापसी के भी चर्चे तेज़ हैं। इसी क्रम में यह ख़बर सामने आई है कि करीब 20 मिनट में ही नीतीश कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है।
कैबिनेट ख़त्म होने के बाद से बैठक के एजेंडों को मीडिया से साझा करने से भी मनाय किया गया है। प्रेस ब्रीफींग की मनाही के बाद से सियासी गलियारों में कई तरह के चर्चे शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही संभावनाओं की सियासत को भी हवा मिल गई है।

आम लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नीतीश कैबिनेट की बैठक में आखिर ऐसी क्या बात हुई की कुछ ही मिनटों तक ही मीटिंग हुई। क्या नीतीश सरकार में सबकुछ ठीक चल रहा है या फिर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है।
बिहार के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों में तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। सीट शेयरिंग को लेकर गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच मतभेद है। वहीं इशारों इशारों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी नीतीश कुमार के एनडीए में स्वागत की बात कह डाली है।
राजद-जदयू के बीच भी मतभेद की ख़बर सामने आ रही है। ऐसे में यह क़यास लगाए जा रहे हैं कि सीएम नीतीश कुमार कोई नया सियासी चाल चल सकते हैं। भाजपा के साथ भी गुपचुप तरीक़े से जाने की बात चल रही है। इस पूरे मामले में सियासी जानकारों की मानें तो अगर इस बार नीतीश कुमार ने पलटी मारी तो उनका राजनीतिक सफर समाप्त हो सकता है।
नीतीश कुमार ने महागठबंधन के साथ जाकर तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी की संज्ञा तक दे दी है। बिहार में राजद सबसे बड़ी पार्टी है, और नीतीश कुमार का जनाधार काफी ख़िसक चुका है। ऐसे में अगर इस बार नीतीश कुमार एनडीए की तरफ़ रुख़ करते हैं तो बिहार के विधानसभा चुनाव में उन्हें काफी नुकसान होने की संभावना है।












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