दूल्हे के घर बारात लेकर पहुंची दुल्हन, देखते रह गए सब
फिर क्या था लड़की वाले इस शादी के लिए तैयार हो गए और सज-धजकर बरात के साथ दूल्हे के घर पहुंचे, वहीं इस पहल को समाज ने भी सराहा है।
पटना। बारात लेकर दुल्हन के घर जाने की बात सुनी जाती थी लेकिन यहां दूल्हा नहीं बल्कि दुल्हन ही बारात लेकर निकली। जहां उसका जोरदार स्वागत किया गया फिर गुलदस्ता देते हुए जयमाल की रस्म पूरी की गई और दूल्हे के आंगन में तैयार मंडप में सात फेरे लिए गए। ऐसी अनोखी शादी बिहार के नवादा जिले के एक गांव में देखी गई। जिसे देखने के बाद पूरे गांव के साथ-साथ जिले में भी इस शादी की चर्चा बड़े जोर-शोर पर है। लोगों का कहना है कि आज पहली बार ऐसा देखा गया है जहां दूल्हे के बजाए दुल्हन शादी करने के लिए बारात लेकर पहुंची है।

जानकारी के मुताबिक इस अनोखी शादी का ये मामला बिहार के नवादा जिले के सेवा नगर इलाके का है। जहां रहने वाले डॉक्टर सौरभ की शादी जिले के ही बिजुबीघा की रहने वाली रचना से तय की गई थी। शादी तय होने के बाद इस शादी को यादगार बनाने और अनोखी मिसाल पेश करने के लिए लड़के वालों ने लड़की को बारात लेकर ससुराल आने की बात बताई। उनका कहना था कि ऐसा करने से पूरे समाज में एक अनोखी मिसाल पेश होगी।
फिर क्या था लड़की वाले इस शादी के लिए तैयार हो गए और सज-धजकर बरात के साथ दूल्हे के घर पहुंचे, फिर रस्मों-रिवाज को पूरा करते हुए शादी की गई। इस शादी को लेकर लड़के की मां डॉक्टर सुमन का कहना था कि इस मुद्दे को लेकर उन्हें समाज में एक अलग पहचान मिलेगी। साथ ही इस शादी को लोग हमेशा के लिए याद भी रखेंगे। इन सब बातों को मद्देनजर रखते हुए इस तरह की शादी का आयोजन किया गया है। बता दें कि दूल्हा डॉ. सौरभ भी राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हैं।
वहीं आस-पास के लोगों का कहना है कि ये शादी अनोखी है क्योंकि इस शादी में ना तो कोई पंडित था और ना ही किसी भगवान की मूर्ति। हालांकि इस शादी की चर्चा पूरे जिले में बड़े जोरों पर है। लोगों का कहना है कि आज तक उन्होंने ऐसी शादी नहीं देखा थी जिसमें दुल्हन बारात लेकर जाती है। तो दूसरे समुदाय के लोगों का कहना है कि लड़के वाले बौद्ध धर्म से आते हैं। जिसमें समानता का मार्गदर्शन है, इसीलिए ऐसी शादी की गई है।












Click it and Unblock the Notifications