RJD ने जदयू को साथ आने का दिया ऑफर तो BJP ने याद दिलाया कि नीतीश कुमार राजद के साथ कितने परेशान थे
पटना। बिहार की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद ने नीतीश कुमार को साथ में आने का न्योता दिया है, जिसके बाद से हड़कंप मचा हुआ है। वहीं राजद की तरफ से नीतीश कुमार को ऑफर मिलने के बाद भाजपा बौखला गई है। दरअसल, 2005 से लेकर अब तक जदयू और भाजपा साथ रही है। हालांकि बीच के 29 महीने दोनों साथ नहीं थे। तब नीतीश कुमार राजद के साथ मिलकर सराकर बनाए थे। उस वक्त तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बने।
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भाजपा ने नीतीश कुमार को इशारों-इशारों में उन 20 महीने की याद दिला रही है। भाजपा के नेता कह रहे हैं कि राजद ने उन 20 महीनों के शासनकाल में नीतीश कुमार की खूब फजीहत की थी। तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मजबूर होकर मंत्रिमंडल भंग करना पड़ा था और आखिरी में उन्हें भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनानी पड़ी थी।
बिहार भाजपा के प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि बिहार की जनता ने 2015 में यह मौका RJD को दिया था। वह सत्ता में आए, लेकिन महज 20 महीने की सरकार में जिस तरह से लालू यादव के दोनों पुत्र ने लूट खसोट मचाया था, उससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परेशान हो गए थे। 20 महीने की सरकार में मॉल घोटाला, मिट्टी घोटाला, जमीन घोटाला सहित कई घोटालों से धन अर्जित करने के लिए लालू यादव के दोनों युवराज दिन रात मेहनत करने लगे।
दरअसल, ये पूरा बवाल खड़ा हुआ है जातीय जनगणना को लेकर। जिसमें राजद फ्रंटफुट पर खेल रही है। बिहार में इस वक्त जातीय जनगणना के साथ-साथ विशेष राज्य के दर्जे को लेकर भी खूब राजनीति हो रही है। इसमें राजद जदयू पर तंज कस रही है।
बता दें कि राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉफ्रेंस कर इशारों में नीतीश कुमार को ऑफर देते हुए कहा कि आज नीतिश कुमार के सहयोगी दल बीजेपी जातीय जनगणना के सवाल पर पीछे हट रही है। नीतीश कुमार को चाहिए कि ऐसे लोगों को मंत्रालय से हटाएं जो नेतृत्व की बात नहीं मानता है।
जगदानंद सिंह ने कहा था कि जातीय जनगणना के मुद्दे पर अगर सरकार पर कोई सवाल खड़ा होता है तो राजद हमेशा साथ खड़ा है। वहीं इस मामले पर जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जातीय जनगणना पर राजद के समर्थन का हम स्वागत करते हैं। इस मामले में सभी राजनीतिक दलों को नीतीश कुमार का साथ देना चाहिए क्योंकि यह जनता की मांग है।












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