‘ये कैसी ननद है जो भौजाई को घर से बाहर करवा दी…’, रोहिनी आचार्य के सारण से चुनाव लड़ने पर भड़की बीजेपी
लालू प्रसाद यादव की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य की इस लोकसभा चुनाव में पहली बार राजनीति में एंट्री हुई है। वो सारण से पार्टी की प्रत्याशी बनाई जा सकती हैं। इस बीच रोहिणी ने जनता के बीच जाना भी शुरू कर दिया है।
रोहिणी आचार्य के राजनीति के मैदान में उतरते ही बीजेपी लालू परिवार पर हमलावर हो गई है। बीजेपी नेता और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने इसे बिहार प्राइड की लड़ाई से जोड़ दिया है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि, 'बिहार की बेटी का सम्मान नहीं और जो बेटी सिंगापुर में बहू बन गई वो अब वो बिहार की उम्मीदवार बनेगी, ये बिहार की जनता तय करे कि जो सही में बिहारी है उसके साथ चलेगी या फिर उसके साथ जो सिंगापुर में जाकर वहां के लोगों की सेवा कर रही है।'
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तेज प्रताप यादव की पत्नी और लालू की बड़ी बहू ऐश्वर्या राय के बहाने लालू परिवार पर हमला बोला। विजय सिन्हा ने कहा कि बेटी का हम सम्मान करते हैं लेकिन ऐश्वर्या का अपमान क्यों? छपरा की धरती की बेटी को इंसाफ क्यों नहीं मिला? छपरा की हर बेटी-हर मां का यही सवाल है...रोहिणी आर्चाय को इसका जवाब देना पड़ेगा।
विजय सिन्हा ने कहा कि सारण से चुनाव लड़ने का पहला अधिकार रोहिणी आचार्य का था लेकिन ये कैसी ननद थी जो अपनी भौजाई को अपने घर से बाहर करवा दी। ये तो बताना पड़ेगा। लालू यादव छपरा के नहीं हैं लेकिन उन्होंने छपरा की बेटी को अपमानित किया है। जनता इसका हिसाब लेगी।
विजय कुमार सिन्हा के अलावा बिहार के एक और डिप्टी सीएम ने लालू परिवार पर हमला बोला। सम्राट चौधरी ने कहा कि ये मोदी जी का डर है कि आज लालू परिवार को मंदिर की शरण लेना पड़ रही है। उनको भगवान का शरण लेना पड़ा है। ये अच्छी बात है लेकिन लालू चाहे कितनी भी कोशिश कर लें लेकिन उनकी हार तय है।
वहीं सम्राट चौधरी ने भी रोहिणी आचार्य के चुनाव लड़ने के फैसले पर हमला बोलते हुए कहा कि लालू जी का परिचय ही है परिवारवाद से है। लालू जी ने 2 बेटे और 2 बेटियों को तो चुनाव मैदान में उतार दिया है, देखते हैं हमारी बची हुई 5 बहनों को कब चुनाव मैदान में उतारते है।












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