Bihar Train Accident: बिहार से दिल्ली जा रही ट्रेन हादसे की शिकार, बगहा के जंगलों में भैंसों के झुंड से टकराई
Bihar Train Accident: बिहार के पश्चिम चंपारण में एक बड़ा रेल हादसा टला है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के मदनपुर रेलवे ढाला के पास कटिहार-दिल्ली चंपारण हमसफर एक्सप्रेस एक भैंसे से टकरा गई।
गनीमत यह रही कि लोको पायलट की सूझबूझ और सही समय पर लगाए गए इमरजेंसी ब्रेक ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली। जंगल का इलाका होने के कारण ट्रैक पर जानवरों का आना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिससे रेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Champaran Humsafar Express: लोको पायलट की सूझबूझ से बची जान
मदनपुर के पास जब तेज रफ्तार हमसफर एक्सप्रेस के सामने अचानक मवेशियों का झुंड आया, तो चालक ने बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन के भैंसे से टकराने के बावजूद, चालक की सतर्कता ने ट्रेन को पटरी से उतरने (डिरेल होने) से बचा लिया। अगर ब्रेक लगाने में जरा भी देरी होती, तो यह एक भीषण दुर्घटना का रूप ले सकती थी। चालक के इस त्वरित निर्णय की रेलवे प्रशासन और यात्रियों द्वारा सराहना की जा रही है।
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Bagaha Rail Incident: यात्रियों के बीच फैला भारी तनाव
जैसे ही इमरजेंसी ब्रेक लगे, ट्रेन में तेज झटका महसूस हुआ और अचानक हुए शोर से यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। घने जंगल वाले इलाके में शाम के वक्त हुई इस टक्कर ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया। यात्रियों को लगा कि ट्रेन हादसे का शिकार हो गई है। हालांकि, स्थिति स्पष्ट होने और सभी के सुरक्षित होने की खबर मिलने के बाद ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। कुछ समय तक परिचालन बाधित रहा।
VTR जंगल में जानवरों का खतरा
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से गुजरने वाला यह रेलखंड जंगली जानवरों के लिए 'डेथ ट्रैप' साबित हो रहा है। स्थानीय चरवाहे अक्सर मवेशियों को लेकर ट्रैक पार करते हैं, वहीं जंगल के बाघ, गैंडे और अन्य जीव भी यहां दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। रेलवे ने सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल भी बनाई है, लेकिन अवैध कटिंग और निगरानी की कमी के कारण मवेशी और वन्यजीव लगातार ट्रैक पर पहुंच रहे हैं, जो रेल सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
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रेलवे पर उठा सवाल
घटना के बाद वाल्मीकिनगर रोड स्टेशन मास्टर पी.एन. पाण्डेय ने पुष्टि की कि ट्रैक का पूरी तरह निरीक्षण करने के बाद ही परिचालन शुरू किया गया। उन्होंने साफ किया कि रेल सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। इस घटना ने एक बार फिर जंगल वाले रेलखंडों पर सेंसर आधारित सिस्टम या बाड़बंदी को और मजबूत करने की जरूरत को उजागर किया है। रेलवे अब इस क्षेत्र में गश्त और वन्यजीव सुरक्षा के तालमेल पर गंभीरता से विचार कर रहा है।












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