Bihar: कोरोना के बाद लू ने बिगाड़े हालात! रोजाना जल रहीं 90 चिताएं, दाह संस्कार के लिए लकड़ी पड़ी कम
बिहार में कतारों में लाशों के दाह संस्कार का सिलसिला शुरू हो चुका है। आरा, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर जिले से लाशें अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पर पहुंच रहीं हैं। इससे लकड़ी भी महंगी हो गई है।
बिहार एक बार फिर लाशों के दाह संस्कार से पट गया है। कोविड-19 महामारी के दौरान मिले गहरे घाव फिर से हरे हो रहे हैं। हीट स्ट्रोक के कारण होने वाली मौतों की संख्या से राज्य के हालात बिगाड़े हैं। जहां रोजाना 45 शव दाह संस्कार के लिए आते थे, वहीं आज 80 शवों का दिनभर में दाह संस्कार किया जा रहा है। आरा, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर जिले के लोग अंतिम संस्कार के लिए चरित्रवन श्मशान घाट पर पहुंच रहे हैं।
आरा के बधरा प्रखंड में स्थित महुली गंगा घाट महामारी कोरोना काल की याद दिला रहा है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार चिताएं जल रही हैं। चंद दिनों के अंतराल में लाशों की बढ़ती संख्या के कारण लकड़ी के व्यापारियों ने जलाऊ लकड़ी की कमी की सूचना दी है। इतना ही नहीं, 4 सौ रुपए में बिकने वाली लडकी 700 रुपए में बिक रही है।

उधर, जिला प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों का दावा है कि लू लगने से सिर्फ 5 लोगों की मौत हुई है। इन पांच मृतकों के शव के पोस्टमार्टम किए गए थे। हालांकि, बढ़ती मौतों की संख्या से जलाऊ लकड़ी की कमी की स्थिति पैदा हो गई है। यह दावा लकड़ी के व्यापारियों द्वारा किया गया है। आरा सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. ऋषि ने एक कड़वी सच्चाई बयां की है। उन्होंने बताया कि रोजाना 15 से 20 मौतें हो रही हैं। सदर अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराने वाले 40 से 50 रोगियों में से जिले में कई हीट स्ट्रोक के मामले देखे गए हैं।
रोजाना 80 से ज्यादा शवों का दाह संस्कार
चरित्रवन श्मशान घाट पर रजिस्ट्रेशन करने वाले कर्मी योगेंद्र पंडा की मानें तो पहले एक दिन में 45 शवों दाह संस्कार होता था। लेकिन, वर्तमान स्थिति में 80 से ज्यादा शवों का दिनभर में दाह संस्कार हो रहा है। 15 जून को 115 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। हालांकि, राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग क कहना है कि पिछले 48 घंटों में भीषण गर्मी के कारण 9 लोगों की ही मौत हुई है।
कतारों में हो रहा दाह संस्कार
मौली घाट पर शवों को जलाने वाले डोम राजा ने बताया कि वे पिछले 7 दिनों से लगातार इस काम को कर रहे हैं। 4 से 5 शवों के एक साथ अंतिम संस्कार कर रहे हैं। चिताओं के दाह संस्कार के लिए भीड़ जमा है। दाह संस्कार की प्रतीक्षा कर रहे शवों की कतार बढ़ती जा रही है। जैसे ही शवों के एक जत्थे का अंतिम संस्कार पूरा होता है। दूसरा सामने आकर खड़ा हो जाता है।
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रेम स्वरूपम के मुताबिक, आम दिनों के मुकाबले पिछले 4 दिनों से श्मशान घाट पर शवों के दाह संस्कार के लिए भीड़ उमड़ी है। पहले 45 चिताएं आग के हवाले हो रही थीं। लेकिन, मौजूदा स्थिति में 90 के आसपास चितांए जल रही हैं।












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