Bihar News: लालू परिवार का बदल गया पता, रात के अंधेरे में खाली हुआ राबड़ी आवास, जानें कहां होंगे अब शिफ्ट
Rabri Devi Bungalow Vacant: बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही सत्ता के गलियारों में बड़े बदलावों का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को अपना ऐतिहासिक ठिकाना '10 सर्कुलर रोड' खाली करने का निर्देश दिया गया है। 18 सालों से अधिक समय तक इस बंगले में रहने के बाद, अब उन्हें हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में शिफ्ट होना पड़ेगा।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि, 25 दिसंबर की कड़ाके की ठंड और आधी रात के सन्नाटे में इस बंगले से सामान हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसने सियासी हलचल तेज कर दी है। दूसरी ओर लालू-यादव और राबड़ी देवी दिल्ली में हैं। वहीं तेजस्वी यादव विदेश के दौरे पर हैं।

आधी रात को राबड़ी आवास पर बढ़ी हलचल
प्रशासनिक आदेश के बाद 25 दिसंबर की देर रात 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर अचानक 4-5 छोटी गाड़ियां पहुंचीं। इन वाहनों के जरिए घर के बगीचे के कीमती पौधों, गमलों और सजावटी सामानों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाने लगा। आधी रात को सामान हटाए जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। हालांकि, आरजेडी की ओर से इस सामान शिफ्टिंग को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
Rabri Devi bungalow Vacant: लालू-तेजस्वी की गैरमौजूदगी में कार्रवाई
जिस समय राबड़ी आवास को खाली करने की खबरें और गतिविधियां तेज थीं, उस दौरान परिवार के दो मुख्य स्तंभ लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पटना में मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर को ही बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया था, जिसकी एक महीने की मियाद 25 दिसंबर को पूरी हो गई थी। समय सीमा खत्म होते ही प्रशासन ने सख्ती दिखाई और कड़ाके की ठंड के बावजूद आवास खाली करने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
10 Circular Road Patna: 18 साल बाद छूटेगा 10 सर्कुलर रोड का साथ
राबड़ी देवी 16 जनवरी 2006 से इस बंगले में रह रही थीं। यह बंगला बिहार की राजनीति का एक प्रमुख शक्ति केंद्र रहा है और लालू परिवार की कई यादें इससे जुड़ी हैं। अब सरकारी आदेश के अनुसार, उन्हें हार्डिंग रोड स्थित बंगला नंबर 39 आवंटित किया गया है। यह नया आवास विधान परिषद में विपक्ष के नेता के लिए निर्धारित केंद्रीय पूल का हिस्सा है। करीब दो दशक बाद लालू परिवार का पता बदलने से उनके समर्थकों में भी काफी चर्चा है।
सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म
भवन निर्माण विभाग की इस कार्रवाई को विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच की तनातनी से जोड़कर देखा जा रहा है। आरजेडी के करीबियों का कहना है कि नोटिस की अवधि खत्म होने पर नियमतः सामान हटाया जा रहा है, लेकिन आधी रात की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, सरकार का तर्क है कि नियमों के तहत नए आवंटित पदों के अनुसार ही आवासों का वितरण किया जा रहा है। अब देखना यह है कि नए बंगले में शिफ्ट होने के बाद लालू परिवार की राजनीतिक सक्रियता का केंद्र क्या होता है।












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