Bihar Land Survey: बिहार में अब गांव ही नहीं शहर की ज़मीन का भी होगा सर्वे, जानिए क्या होगी प्रक्रिया?
Bihar Land Survey News Update: बिहार में भूमि सर्वेक्षण अब ग्रामीण क्षेत्रों से आगे बढ़कर शहरी क्षेत्रों को भी शामिल करने जा रहा है। यह विस्तार केंद्र सरकार की मानचित्र पहल का अनुसरण करता है। इस प्रक्रिया में तीन चरण शामिल हैं, जिसके अंत में भूमि मालिकों को आधिकारिक स्वामित्व अधिकार प्रदान किए जाते हैं।
शुरुआत में, शहरी क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग करके हवाई सर्वेक्षण किया जाएगा ताकि तस्वीरें ली जा सकें और मानचित्र तैयार किए जा सकें। जिला बंदोबस्त अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण पहला कदम है। इसमें ड्रोन से तस्वीरें खींचकर ऑर्थो-रेक्टिफाइड इमेज और भूमि डेटा तैयार किया जाता है। इस पद्धति का इस्तेमाल पहले ही ग्रामीण क्षेत्रों में मानचित्रण के लिए किया जा चुका है।

शहरी भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया: दूसरे चरण में सभी भूमियों का व्यापक क्षेत्र सर्वेक्षण शामिल है। इस चरण में संपत्ति पंजीकरण और अभिलेखों को एकीकृत किया जाता है, जिससे 2D और 3D मॉडल तैयार किए जाते हैं। ये मॉडल भूमि स्वामित्व की विस्तृत जानकारी देंगे, जिसे बाद में प्रकाशित किया जाएगा।
हवाई सर्वेक्षण करने के लिए एक एजेंसी नियुक्त की गई है। वे नक्शे तैयार करेंगे और आगे की कार्यवाही के लिए सर्वेक्षण टीम को उपलब्ध कराएंगे। तीसरे चरण में नगर निकायों के भीतर वार्ड-वार सर्वेक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें घरों, तालाबों और नदियों जैसे विवरणों को दर्ज किया जाएगा।
अंतिम चरण और स्वामित्व अधिकार: अमीन अधिकारी वार्ड के आधार पर सीमा निर्धारण जैसी मैपिंग प्रक्रिया को पूरा करने के लिए खेतों का दौरा करेंगे। इस चरण के दौरान विस्तृत प्लॉट जानकारी और रैयत रिकॉर्ड का भी दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
अंतिम चरण में स्वामित्व विवाद से संबंधित दावों और आपत्तियों का समाधान किया जाएगा। समाधान हो जाने के बाद रैयत को अंतिम स्वामित्व अधिकार प्रदान किया जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए बांका नगर परिषद को चुना गया है, जहां कार्यान्वयन शुरू हो चुका है।












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