Bihar Final Voter List: तेजस्वी यादव का नाम किस मतदान केंद्र पर दर्ज? वोटर रिकॉर्ड में कई चौंकाने वाले फैक्ट
Bihar Final Voter List 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ( Bihar Assembly Elections) से पहले राज्य की फाइनल मतदाता सूची चुनाव आयोग ने 30 सितंबर को जारी कर दी है। इन नई मतदाता सूची में जहां लाखों पुराने वोटरों के नाम कट चुके हैं वहीं कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिसमें राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) का नाम मतदाता सूची EPIC ID के साथ दर्ज पाया गया है, जबकि उन्होंने पूर्व में एक अन्य ID का दावा किया था।

इसके अलावा तेजस्वी यादव के वोटर आईडी में दर्ज पते को लेकर भी बड़ी बात सामने आई है। जानते हैं पूरा मामला...
क्या है पूरा मामला?
दरअसल फाइनल मतदाता सूची में तेजस्वी यादव का नाम एपिक आईडी RAB0456228 के साथ दर्ज है। हालांकि, तेजस्वी यादव पहले अपने EPIC ID के रूप में RAB2916120 बता चुके थे लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि ये नंबर राज्य में किसी को भी आवंटित नहीं है। इस अंतर ने नई वोटर लिस्ट को फिर से संदेह की स्थिति में आ गई है।

परिवार के अलग-अलग बूथ और पते पर नाम दर्ज
इतना ही नहीं फाइल मतदाता सूची में एक और गड़बड़ी सामने आई है। तेजस्वी यादव का नाम उनके पूरे परिवार के अन्य सदस्यों से अलग बूथ और पते पर दर्ज किया गया है। फाइनल सूची में तेजस्वी यादव का मतदान केंद्र बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय है।
भाग संख्या एवं नाम (Part Number - Part Name): 204 - बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन दिया गया है। जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी ने अपने शपथ पत्र में भाग संख्या 160 और सीरियल नंबर 511 बताया था।
जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव का मकान संख्या और एक अन्य मतदाता मंटू कुमार, पिता नरेश राम का मकान संख्या एक जैसी है, लेकिन दोनों के बीच कोई पारिवारिक संबंध नहीं है।
इससे मतदाता पहचान में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसी गड़बड़ी सिर्फ राजद नेता के साथ ही नहीं है बल्कि अन्य मतदाताओं की ओर से भी ऐसी शिकायतें आ रही हैं।
ड्राफ्ट लिस्ट पर तेजस्वी ने उठाया था सवाल
SIR के तहत चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को मतदाता सूची की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की थी। इसके बाद तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि उनका नाम सूची में नहीं है। इस दावे को लेकर राज्य में खूब राजनीतिक बहस हुई।

हालांकि, पटना जिला प्रशासन और चुनाव आयोग ने उनके दावे को खारिज किया और पुष्टि की कि उनका नाम सूची में मौजूद है। प्रशासन ने इसके समर्थन में सूची की तस्वीर भी साझा की।
मतदाता सूची में गलतियों से आम जनता परेशान
फाइनल मतदाता सूची में तकनीकी गलतियों के कारण आम जनता को भी परेशानी हो रही है। कई परिवारों के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथ पर दर्ज किए गए हैं। उदाहरण के लिए, यदि परिवार में चार सदस्य हैं, तो पति का नाम एक बूथ पर और पत्नी का नाम किसी अन्य बूथ पर दर्ज है। इसके अलावा, फाइनल सूची में कई मतदाताओं के नाम एक से अधिक बार जोड़े गए हैं और कुछ वोटर्स की उम्र में भी गड़बड़ी देखी गई है।
चुनाव की निष्पक्षता के लिए जरूरी है मतदाता सूची
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए यह अंतिम मतदाता सूची अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों की स्थिति और मतदाताओं की संख्या का सही आंकलन कर सकेंगे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता को सूची में अपनी जानकारी पर आपत्ति है, तो वह इसे पहले जिला निर्वाचन अधिकारी के यहां दर्ज करा सकता है।












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