राजनेता नहीं 'कथावाचक' गुप्तेश्वर पांडे कहिए, बिहार के पूर्व DGP का भक्ति में लग रहा खूब मन
नई दिल्ली, 25 जून। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले राज्य के पुलिस महानिदेशक पद से इस्तीफा और फिर राजनीतिक पार्टी ज्वाइन करने वाले गुप्तेश्वर पांडे एक बार फिर से चर्चा में हैं। लेकिन इस बार गुप्तेश्वर पांडे किसी राजनीतिक वजह से चर्चा में नहीं हैं। अबकी बार वह आध्यात्मिक वजहों से चर्चा में हैं। जी हां बिहार के पूर्व डीजीपी का मन अब भक्ति में खूब रम रहा है।

बिहार के पूर्व डीजीपी अब भगवान की कथा सुनाने वाले कथावाचक बन गए हैं। पिछले दिनों ही पूर्व डीजीपी से राजनेता बने गुप्तेश्वर पांडे का नया अवतार सामने आया था। गुप्तेश्वर पांडे अयोध्या में भगवतकथा सुनाई थी। इसके बाद से ये सवाल उठने लगा था कि क्या अब गुप्तेश्वर पांडे का मन भगवान की भक्ति में ही लग रहा है जिसका जवाब उन्होंने खुद ही दे दिया है।
गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि एक समय आता है जब आप जीवन का उद्येश्य जानना चाहते हैं और भगवान को समझना चाहते हैं। मैं कोई अपवान नहीं है। मेरी रुचि अब केवल भगवान की भक्ति में ही है और यह सब अचानक नहीं हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि "हमें लगता है कि भौतिक उपलब्धियां हमें खुशियां प्रदान करती हैं लेकिन असली आनंद तो भगवान में ही है। मैं केवल भगवान की सेवा करना चाहता हूं।"
अयोध्या में 7 दिन की भागवतकथा
गुप्तेश्वर पांडे ने इसी महीने में 15 जून से 22 जून तक अयोध्या में हरिदास आश्रम में एक ऑनलाइन कथावाचन किया था। इस कथा को खास लोगों के लिए ऑनलाइन आयोजित किया गया था जिसका वीडियो सामने आया था। गुप्तेश्वर पांडे ने यह भी बताया कि यह उनकी पहली कथा है। वीडियो सामने आने के बाद गुप्तेश्वर पांडे के इस नए रूप की खूब चर्चा होने लगी।
केवल भगवान की सेवा ही लक्ष्य
वहीं एक निजी चैनल से बातचीत में गुप्तेश्वर पांडे ने राजनीति के भविष्य पर सवाल पर कहा उनकी कोई अन्य इच्छा नहीं है। अब वह केवल भगवान की सेवा करना चाहते हैं।
सुशांत सिंह राजपूत के मामलों में अपने बयान को लेकर चर्चा में आए गुप्तेश्वर पांडे ने बिहार के विधानसभा चुनावों से पहले डीजीपी के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने नीतीश कुमार को नेता बताते हुए जेडीयू ज्वाइन कर ली थी।












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