क्या नीतीश फिर पलटी मारेंगे या NDA में ही बदलेगा चेहरा? बिहार चुनाव 2025 के बाद CM कुर्सी पर मचेगा घमासान!
Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति फिर एक बार संभावनाओं और संदेहों के भंवर में फंसती दिख रही है। 2025 विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में जब अमित शाह ने पूछा गया कि बिहार में एनडीए का सीएम कैंडिडेट कौन है? तो इसपर उन्होंने कहा, ''बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन हम बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने जा रहे हैं।"
अमित शाह के इस बयान ने बिहार की सियासत में कई सवाल खड़े कर दिए हैं-क्या NDA चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री का चेहरा बदल सकता है? या फिर वही पुरानी कहानी दोहराई जाएगी, जहां नीतीश कुमार जीत के बाद पाला बदल सकते हैं?

🔵 RJD नेता मनोज झा का वार: बेचैनी नीतीश के खेमे में
RJD सांसद मनोज कुमार झा ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
''गृह मंत्री (अमित शाह) शब्दों के चयन में माहिर हैं और यह बयान कोई यूं ही नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 'नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं उनके साथ चुनाव में जाएंगे, चुनाव बाद क्या होगा यह पता नहीं'... ऐसा नहीं हो सकता कि अमित शाह कुछ कहें और नीतीश का खेमा शांत बैठा रहे... यह बेचैनी आने वाले दिनों में NDA के भीतर तनाव को जन्म दे सकती है।''
🔵 क्या अमित शाह का इशारा संकेत है सत्ता परिवर्तन का?
राजनीतिक विश्लेषकों की राय है कि अमित शाह का बयान "नीतीश के विकल्प को खुला रखने" की रणनीति हो सकता है। BJP पहले ही कई बार संकेत दे चुकी है कि पार्टी अब सहयोगी दलों पर "पूर्ण निर्भरता" नहीं चाहती। यानी NDA अगर जीतती है, तो भाजपा किसी अपने चेहरे को मुख्यमंत्री बना सकती है। जिस तरह भाजपा लोजपा प्रमुथ चिराग पासवना को फ्री हैंड दे रहे हैं, वो भी कई सवाले खड़े कर रही है। हालांकि चिराग पासवान ने भी अपने हालिया बयान में कहा है कि NDA नीतीश कुमार नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगा।
जेडीयू के वरिष्ठ नेता एवं बिहार सरकार में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए का नेतृत्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही करेंगे। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में अगला विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।
🔵 नीतीश कुमार को लेकर सस्पेंस अमित शाह पहले भी बढा चुके हैं सस्पेंस
यह कोई पहली बार नहीं है जब अमित शाह ने नीतीश कुमार को लेकर स्थिति स्पष्ट करने से परहेज किया हो। लगभग छह महीने पहले एक इंटरव्यू के दौरान भी, जब उनसे पूछा गया था कि क्या बीजेपी बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी, तो उन्होंने सवाल को टालते हुए गोलमोल जवाब दिया था।
अमित शाह ने उस समय कहा था कि वे पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और ऐसे मंचों पर पार्टी के निर्णय नहीं लिए जाते। उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस तरह के अहम फैसले पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में लिए जाते हैं, जहां सभी पहलुओं पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
🔵 क्या नीतीश कुमार एक बार फिर पलटी मारेंगे?
अगर सीटों का गणित ऐसा बनता है जिसमें NDA को बहुमत के लिए JDU की जरूरत नहीं पड़े, तो BJP नीतीश को किनारे कर सकती है। ऐसे में नीतीश कुमार के पास विपक्ष की ओर लौटने का विकल्प खुला रहेगा। नीतीश कुमार का पलटी मारने का राजनीतिक इतिहास इसे एक मजबूत संभावना बना देता है। 2013 से लेकर 2024 तक कई बार NDA से महागठबंधन और महागठबंधन से NDA में आ चुके हैं। तो
बिहार चुनाव 2025 सिर्फ सीटों की नहीं, चेहरों की लड़ाई बनता जा रहा है। अमित शाह के शब्दों ने नीतीश कुमार के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि चुनाव के बाद बिहार की राजनीति किस करवट बैठती है-नीतीश सीएम बनते हैं, हटते हैं या फिर एक बार फिर दांव उलटकर सबको चौंका देते हैं।












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