Bihar Election 2025: नीतीश सरकार के 15 बड़े ऐलान, युवाओं से लेकर महिलाओं तक को साधने का मास्टरस्ट्रोक
Bihar Election 2025: बिहार चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है और इसी बीच पिछले कुछ महीनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक के बाद एक 15 बड़े ऐलान करके राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है। ये घोषणाएं सीधे तौर पर युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के विभिन्न वर्गों को साधने की कोशिश लग रही हैं।
जानकार मानते हैं कि इसे चुनावी 'मास्टरस्ट्रोक' कहा जा सकता है। बिहार चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार का ये मास्टरप्लान, हर उम्र और हर वर्ग के लोगों को जोड़ने का प्रयास है। आइए जानते हैं नीतीश सरकार की नई योजनाओं और फैसलों की पूरी लिस्ट।

🟡 युवाओं के लिए रोजगार और अवसर
🔹 1. नीतीश कुमार ने युवाओं को बड़ा तोहफा देते हुए घोषणा की है कि अगले पांच सालों में एक करोड़ नौकरियां दी जाएंगी।
🔹 2. बिहार सरकार ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब राज्य में इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को हर महीने 6,000 रुपये दिए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य युवाओं को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव देना है। इससे पढ़ाई के साथ करियर बनाने की राह आसान होगी और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
🔹 3. शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ा दिया गया है। इससे साफ है कि सरकार युवाओं की नाराजगी को दूर करना चाहती है।
🟡 महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण और सहूलियत
🔹 4. सरकारी नौकरी में अब महिलाओं को 35% आरक्षण मिलेगा। यानी अब बिहार की महिलाओं की सरकारी नौकरी में भागीदारी 33 फीसदी होगी।
🔹 5. आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन खरीदने के लिए 11,000 रुपये देने का ऐलान किया गया है। यानी महिलाओं को रोजगार और डिजिटल सुविधा दोनों मोर्चों पर मजबूत करने की कोशिश है।
🟡 गरीब और आम जनता के लिए राहत
🔹 6. सरकार ने ऐलान किया है कि राज्य की जनता को 125 यूनिट तक फ्री बिजली मिलेगी। हालांकि नीतीश के इस कदम की आलोचना भी हुई थी क्योंकि एक वक्त था, जब नीतीश ऐसे फ्रीबीज कल्चर के खिलाफ थे।
🔹 7. नीतीश सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए दीदी की रसोई योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना के तहत मिलने वाली थाली 40 रुपये की बजाय सिर्फ 20 रुपये में उपलब्ध होगी। यह कदम खासतौर पर मजदूरों, छात्रों और कामकाजी वर्ग के लिए फायदेमंद साबित होगा, जिन्हें रोजाना सस्ती और पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है। सरकार का दावा है कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें बेहतर पोषण भी मिल सकेगा। यह पहल समाज के कमजोर तबकों तक राहत पहुंचाने का सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
🔹 8. नीतीश सरकार ने रसोइयों के मानदेय में भी बड़ा इजाफा किया है। अब उनका मानदेय दोगुना बढ़ाकर 3,300 रुपये कर दिया गया है। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषक आहार उपलब्ध कराने में रसोइयों की भूमिका बेहद अहम होती है। लंबे समय से वे अपने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रही थीं। सरकार का यह फैसला न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने वाला है, बल्कि उनके काम के महत्व को भी सम्मान देने वाला कदम है। इस बढ़ोतरी से हजारों रसोइयों के चेहरे पर मुस्कान आएगी और उनके जीवन-स्तर में सुधार होगा।
🟡 पंचायतों और ग्रामीण इलाकों के लिए विकास
🔹 9. नीतीश सरकार ने ग्रामीण इलाकों पर भी खास ध्यान दिया है। ऐलान किया गया है कि राज्य की 8,000 से ज्यादा पंचायतों में मैरिज हॉल बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को शादी-ब्याह और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सुविधा मिलेगी।
🟡 परिवहन और बुनियादी ढांचा
🔹 10. सरकार ने नए बस खरीदने पर 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
🟡 दिव्यांग और पिछड़े वर्गों के लिए योजनाएं
🔹 11. दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। यानी अब उन्हें उच्च स्तर की परीक्षा की तैयारी और चयन में अधिक मदद मिलेगी।
🟡 पत्रकारों और कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा
🔹 12. पत्रकारों की पेंशन को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। नीतीश कुमार के इस कदम की सराहना की गई थी। भारत में ऐसे ही कम राज्य हैं, जहां पत्रकारों को पेंशन देने की व्यवस्था है।
🔹 13. वहीं नाइट गार्ड का मानदेय 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे नाइट गार्ड्स के लिए यह फैसला काफी राहत भरा है। अस्पतालों, सरकारी दफ्तरों और विभिन्न संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले नाइट गार्ड्स दिन-रात मेहनत करते हैं। मा
🔹 14.आशा और ममता कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी: बिहार सरकार ने आशा और ममता कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात दी है। नीतीश सरकार ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रही इन कार्यकर्ताओं को अब अतिरिक्त आर्थिक सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाली आशा और ममता कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मातृ-शिशु देखभाल से लेकर टीकाकरण और स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मानदेय बढ़ने से न केवल उनका मनोबल ऊंचा होगा, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। सरकार का यह कदम चुनावी साल में बड़ा सियासी संदेश भी माना जा रहा है।
🔹 15. सरकार ने गुरु-शिष्य परंपरा योजना को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा और कला-संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है।
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