Bihar Election: महागठबंधन में कब तक सीट शेयरिंग, कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा? कांग्रेस के 40 उम्मीदवार फाइनल
Bihar Election 2025 (Mahagathbandhan Seat Sharing): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की आहट तेज हो गई है। चुनाव आयोग कभी भी तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में महागठबंधन और एनडीए दोनों खेमों में सीट शेयरिंग को लेकर जोरदार हलचल मची हुई है। खासकर महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, वामदल, वीआईपी और अन्य सहयोगी) में चर्चा अपने चरम पर है।
महागठबंधन के अहम साथी और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने संकेत दिया है कि सीट बंटवारे की घोषणा दशहरे तक हो जाएगी। यानी 2 अक्टूबर तक सीट शेयरिंग पर ऐलान की संभावना है। मुकेश सहनी ने कहा, "गठबंधन में कोई दिक्कत नहीं है, सबकुछ ठीक-ठाक है। उम्मीद है कि दशहरे पर हमलोग आपको बता देंगे कि कौन कितनी सीट पर लड़ेगा।" इस बयान से साफ है कि पार्टियां आंतरिक मंथन लगभग पूरा कर चुकी हैं और जल्द ही औपचारिक ऐलान हो सकता है। ऐसे में आइए समझते हैं महागठबंधन के खिलाड़ी कितने सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

🔵 कांग्रेस ने फाइनल कर लिए 40 उम्मीदवार
जहां एक ओर महागठबंधन में औपचारिक सीट शेयरिंग का इंतजार है, वहीं कांग्रेस ने अपने हिस्से की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने दिल्ली में हुई मैराथन बैठक में 40 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग फाइनल कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन सीटों में कांग्रेस के मौजूदा 19 विधायकों की सीटें भी शामिल हैं।
इसके अलावा पार्टी उन सीटों पर भी फोकस कर रही है जहां 2020 में वह दूसरे स्थान पर रही थी या फिर जिन्हें वह अपनी पारंपरिक सीट मानती है। कांग्रेस इस बार कई नए चेहरों को मौका देने के मूड में है। जिन विधायकों पर अपने क्षेत्र में एंटी-इनकंबेंसी है, वहां बदलाव की संभावना है।
🔵 RJD-कांग्रेस कम करेंगे अपनी सीटें, कितने पर लड़ने की संभावना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महागठबंधन में छोटे दलों को एडजस्ट करने के लिए राजद और कांग्रेस दोनों अपनी सीटें कम कर सकते हैं। RJD को 2020 में 144 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार वह 130 सीटों तक सीमित रह सकती है। कांग्रेस ने 2020 में 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार माना जा रहा है कि वह करीब 58 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इन सीटों को घटाने के पीछे मकसद है-नए सहयोगियों को जगह देना और वामदलों को मजबूती देना।
🔵 CPI(ML) की बड़ी मांग, लेकिन 27 सीटें ही मिलने की संभावना
महागठबंधन के भीतर वामपंथी दलों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। CPI(ML) ने इस बार 40 सीटों की मांग कर दी है। 2020 में उसने 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 12 जीते थे। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, उसे इस बार करीब 27 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, CPI और CPM को उनकी पुरानी 6 और 4 सीटें बरकरार रखी जाएंगी।
🔵 नए सहयोगियों का दबदबा
महागठबंधन में इस बार तीन नए सहयोगियों की एंट्री हुई है-वीआईपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और पशुपति पारस की LJP (रामविलास)। वीआईपी को करीब 14 सीटें मिलने की संभावना है। JMM और पारस गुट को 2-2 सीटें मिल सकती हैं।
इस एंट्री ने महागठबंधन के भीतर समीकरण और पेचीदा बना दिया है, लेकिन RJD और कांग्रेस अपनी हिस्सेदारी छोड़कर तालमेल बनाने की कोशिश में हैं।
🔵 क्या कांग्रेस अपने दम पर करेगी ऐलान?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जैसे ही महागठबंधन सीट बंटवारे का ऐलान करेगा, पार्टी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट तुरंत जारी कर देगी। यहां तक कि कांग्रेस अपने हिस्से की 70 सीटों से ज्यादा पर भी दावा कर रही है। हालांकि अंतिम फैसला गठबंधन की बैठक में होगा।
बिहार चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग का मुद्दा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। दशहरे तक तस्वीर साफ हो सकती है। कांग्रेस ने पहले ही अपनी रणनीति बना ली है और बाकी दलों की हिस्सेदारी पर बातचीत जारी है। अब देखना होगा कि RJD और कांग्रेस कितनी सीटें छोड़ते हैं और छोटे सहयोगी दलों को कितना सम्मान मिलता है।












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