Bihar Election 2025: 'फर्स्ट डिवीजन या थर्ड, नीतीश कुमार की CM कुर्सी पक्की' – JDU का चुनाव से पहले बड़ा ऐलान
Bihar Election 2025 (Nitish Kumar): बिहार चुनाव 2025 से पहले सीएम पद को लेकर बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर विरोधी दल नीतीश कुमार के भविष्य पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं JDU ने स्पष्ट कर दिया है -'फर्स्ट डिवीजन आएं या थर्ड, मुख्यमंत्री तो नीतीश ही रहेंगे!'
JDU के वरिष्ठ नेता और मंत्री महेश्वर हजारी ने साफ शब्दों में कहा है, "चाहे JDU को बिहार चुनाव में फर्स्ट डिवीजन मिले या थर्ड, नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे। अब चाहे वो जैसे भी हो, सीएम तो उनको ही बनना है। इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।" नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी मोर्चा संभालते हुए कहा, "NDA को भारी बहुमत मिलेगा और मेरे पिता ही अगली बार भी मुख्यमंत्री बनेंगे।"

बिहार चुनाव: पोस्टर पॉलिटिक्स: '25 से 30, फिर से नीतीश'
पटना में जेडीयू के दफ्तर के बाहर लगा पोस्टर -'25 से 30, फिर से नीतीश'-सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पोस्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बयान के जवाब में लगाया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार चुनाव बीजेपी सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लड़ेगी।
JDU नेताओं ने इस पोस्टर को "नीतीश मैजिक" का प्रतीक बताया। पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "NDA पहले ही तय कर चुका है कि चुनाव नीतीश जी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। यानी 2025 से 2030 तक भी मुख्यमंत्री वही रहेंगे।"
इससे पहले JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी मीडिया से कहा था, ''बिहार विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। वही NDA के चेहरा होंगे और चुनाव जीतने के बाद सरकार का नेतृत्व भी वही करेंगे।''
बिहार में कौन होगा अगला मुख्यमंत्री? अमित शाह और सम्राट चौधरी का रुख
हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा, "कौन मुख्यमंत्री बनेगा? इसका फैसला समय करेगा, लेकिन हम चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेंगे।" इस बयान ने राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी थी कि क्या बीजेपी नीतीश कुमार को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है या कोई बैकअप प्लान भी है?
राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जो कभी नीतीश के कटु आलोचक थे, अब खुद कह चुके हैं कि "नीतीश ही NDA के नेता हैं और उन्हीं के नेतृत्व में बिहार को 2030 तक विकसित बनाएंगे।"
अब तक बीजेपी और उसके सहयोगी दल यह कहते आए हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगा और वे ही सीएम होंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी कुछ दिन पहले नीतीश से मुलाकात के बाद कहा था कि "बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास कार्य जारी रहेगा।"
क्यों उठते हैं नीतीश कुमार पर सवाल?
नीतीश कुमार के सियासी यू-टर्न की वजह से भाजपा की बेचैनी समझी जा रही है। 2013 में बीजेपी से अलग होकर, फिर 2017 में लौटना, 2022 में महागठबंधन में जाना और फिर 2024 में NDA में वापसी करना -इन सबने राजनीतिक स्थायित्व पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, JDU इन तमाम घटनाओं के बावजूद साफ कर चुका है कि नीतीश कुमार ही अगली सरकार में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
नीतीश कुमार के राजनीतिक यू-टर्न उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं।
- 2000 में पहली बार सीएम बने।
- 2013 में बीजेपी से नाता तोड़ा जब नरेंद्र मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाया गया।
- 2017 में NDA में वापसी की और महागठबंधन छोड़ दिया।
- 2022 में फिर NDA छोड़ा और RJD-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई।
- 2024 में एक बार फिर NDA में वापसी कर रिकॉर्ड नौवीं बार सीएम पद की शपथ ली।
इन सबके चलते बीजेपी में नीतीश की स्थिरता को लेकर संदेह बना रहता है, और शाह का "वक्त ही बताएगा" वाला बयान इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मुख्यमंत्री पद की जंग अभी से तेज हो गई है। JDU ने जहां पूरी मजबूती से नीतीश कुमार के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है, वहीं बीजेपी के भीतर से आ रही 'संकेतों' ने सियासी हवा में हलचल जरूर बढ़ा दी है।












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