Bihar Chunav: जेपी नड्डा से मिले मांझी, NDA सीट शेयरिंग फॉर्मूले से हैं नाराज, ले सकते हैं बड़ा निर्णय
Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट-बंटवारे का फॉर्मूला अभी तक अंतिम रूप नहीं ले पाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम) के नेता जीतनराम मांझी इस फॉर्मूले से असंतुष्ट हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनकी पार्टी ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को 15 पसंदीदा सीटों की सूची सौंपी है।
हम के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराया है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के बाद भी मांझी की नाराजगी दूर नहीं हुई है, क्योंकि वे सीट शेयरिंग के प्रस्तावित फॉर्मूले से असहमत हैं वो बगावती तेवर दिखा सकते हैं।

हालांकि बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दावा किया है कि एनडीए में शामिल सभी पार्टियों के बीच सब ठीक है और सीट बंटवारे की घोषणा आज या कल सुबह 11 बजे तक हो जाएगी।
मांझी नहीं छोड़ेगे अपनी जीती हुई सीट
याद रहे चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी कुछ सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर रही है, जिससे 'हम' और लोजपा (रा) के बीच सीटों को लेकर गतिरोध बना हुआ है। मांझी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर जीती हुई सीटों को छोड़ने को तैयार नहीं है।
चिराग पासवान के कारण बढ़ा गतिरोध
पिछली बार 'हम' ने सात सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें गया जिले की बाराचट्टी, टिकारी और इमामगंज, और जमुई की सिकंदरा सीट पर जीत हासिल की थी। चिराग पासवान की एलजेपी का एनडीए में शामिल होने से इस बार सीटों का समीकरण उलझ गया है।
क्योंकि सूत्रों के अनुसार चिराग पासवान की पार्टी 'हम' की जीती हुई इमामगंज और सिकंदरा सीटों की मांग कर रही लेकिन हम जीती सीट नहीं छोड़ेगी। मांझी ने जिन 15 सीटों की सूची सौंपी है उसमें बिहार के गया जिले की विधानसभा सीटों की संख्या अधिक है।
मांझी की पार्टी ने इन सीटों पर लड़ा चुनाव
पिछली बार 'हम' ने बाराचट्टी, टिकारी, इमामगंज और सिकंदरा के अलावा जहानाबाद की मखदुमपुर, औरंगाबाद की कुटुम्बा और पूर्णिया की कस्बा सीट पर भी उम्मीदवार उतारे थे। इस बार पार्टी ने गया की गुरारू, अतरी और बोधगया सीटों के साथ-साथ सिमरी बख्तियारपुर और बखरी जैसी सीटों पर भी दावेदारी की है।
एनडीए में क्या होगा सीट शेयरिंग फॉर्मूला?
एनडीए सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जनता दल (यूनाइटेड) लगभग 101-102 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि भाजपा एक सीट कम पर मैदान में उतरेगी। इस बीच, मांझी के किसी बड़े राजनीतिक कदम उठाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। 'हम' नेतृत्व ने अपने सभी नेताओं से विधानसभा चुनाव में संभावित भूमिका पर राय मांगी है। कहा जा रहा है कि अगर एनडीए में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनती है, तो मांझी 15 से 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकते हैं।
रविवार को हो सकता बड़ा ऐलान
इससे पहले, शनिवार को नई दिल्ली में सीट-बंटवारे पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और गठबंधन के सहयोगी शामिल थे। भाजपा ने बताया था कि एनडीए के सभी सहयोगियों के साथ सीट-बंटवारे की घोषणा रविवार तक की जा सकती है।












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