Bihar Chunav: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर फोड़ा नया बम, 'लालू के लाल का उम्र घोटाला'
Bihar Chunav: बिहार में इस वक्त वोटर लिस्ट संशोधन के मुद्दे पर जमकर बवाल हो रहा है। कांग्रेस और आरजेडी पटना से लेकर दिल्ली तक वोटर्स के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर रहे हैं। SIR पर जारी विरोध के बीच तेजस्वी यादव दो एपिक नंबर (EPIC) रखने की वजह से खुद मुसीबत में फंस गए हैं। इधर प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने उन पर एक और आरोप लगाया है। सिन्हा ने तेजस्वी पर उम्र में हेर-फेर का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2015-20 के हलफनामे के मुताबिक, वह तेज प्रताप यादव से उम्र में बड़े हैं।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी यादव ने साल 2015 और 2020 में जो एफिडेविट फाइल किया था, उसमें उम्र को लेकर हेर-फेर किया गया है। इन दोनों चुनावों में दायर हलफनामे में उम्र में तेजस्वी यादव ही बड़े भाई हैं और तेज प्रताप उनसे छोटे हैं। विजय सिन्हा ने इसे उम्र का एफिडेविट घोटाला बताया है।

Bihar Chunav में तेजस्वी यादव की उम्र बनेगा मुद्दा?
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'चारा घोटाला, नियुक्ति घोटाला और अब किए उम्र का एफिडेविट घोटाला। एक तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी - यही है जंगलराज के युवराज की बलजोरी।। जिसकी खुद की राजनीति 'फ्रॉडिज्म' पर टिकी हो, वो दूसरों को ज्ञान दे रहा है।' इस पोस्ट में आगे उन्होंने लिखा कि देखिए कैसे ये लालू-राबड़ी के लाला कैसे जनता को गुमराह करते हैं। बिहार ही नहीं, पूरा भारत जानता है कि तेजप्रताप, तेजस्वी से बड़े हैं।
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Vijay Sinha ने तेजस्वी के एफिडेविट का दिया हवाला
विजय सिन्हा ने कहा कि 2015 विधानसभा चुनाव के एफिडेविट अनुसार दौरान बड़े भाई तेजप्रताप की उम्र 25 साल और छोटे भाई तेजस्वी की उम्र 26 साल थी। यानी एक और नया घोटाला - 'उम्र घोटाला', RJD का ताज़ा कारनामा! सिन्हा ने लालू यादव पर लगे आरोपों का हवाला देते हुए कहा, 'तेजस्वी अपने पिता के बनाए घोटालों के रास्ते पर ही चल रहे हैं , चाहे वह भ्रष्टाचार हो, नौकरी घोटाला हो या अब उम्र घोटाला। इससे बड़ा फ्रॉड क्या हो सकता है? अरे शर्म कीजिए तेजस्वी जी! जनता को बेवकूफ बनाना बंद करिए। हमारे बिहार की जनता भोली-भाली ज़रूर है, लेकिन बेवकूफ नहीं है। सबको पता है असली सच्चाई क्या है।'
बता दें कि विजय सिन्हा के पास दो वोटर आईडी कार्ड होने की वजह से चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है। इससे पहले तेजस्वी यादव को भी नोटिस भेजा गया था, जिसके जवाब में आरजेडी नेता ने कहा था कि किसी और की गलती की सजा उनको क्यों मिलनी चाहिए? यह सरकारी लापरवाही का नतीजा है। दूसरी ओर विजय सिन्हा ने कहा है कि वह आयोग के नोटिस का जवाब देंगे।
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