Bihar Chunav: कौन हैं कांग्रेस नेता वी.टी. बलराम, जिन्होंने बिहार में लगाई 'बीड़ी की आग', कैसे फंसे बवाल में?
Bihar Chunav 2025 (V T Balram): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर केरल कांग्रेस नेता वी.टी. बलराम का नाम सुर्खियों में है। दो बार विधायक रह चुके और कांग्रेस के डिजिटल मीडिया सेल के चेयरमैन बलराम, एक विवादित पोस्ट की वजह से सियासी तूफान में घिर गए हैं।
पोस्ट इतना विवादित था कि बिहार तक की राजनीति में हलचल मच गई और तेजस्वी यादव तक ने कांग्रेस से माफी की मांग कर डाली। ये वही वी.टी. बलराम हैं, जिन्होंने कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल पर लिखवाया था- B से बीड़ी B से बिहार। अब सवाल यह है कि आखिर कौन हैं वी. टी. बलराम और कब-कब वह विवादों में फंसे हैं। आइए पूरी कहानी समझते हैं।

कौन हैं वी.टी. बलराम? (who is V T Balram)
47 साल के वी.टी. बलराम को केरल कांग्रेस का एक उभरता चेहरा माना जाता है। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई के बाद उन्होंने छात्र राजनीति से शुरुआत की। कॉलेज के दिनों में ही केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) से जुड़े और 2009 में युवा कांग्रेस के राज्य सचिव बने।
इसके बाद वी.टी. बलराम जनरल सेक्रेटरी बने और 2011 में राहुल गांधी की पसंद से त्रिथाला विधानसभा सीट से चुनाव लड़े। यह सीट CPI(M) का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन बलराम ने जीत हासिल की और कांग्रेस का किला वहां खड़ा कर दिया। 2016 में भी वी.टी. बलराम ने सीट दोबारा जीती, हालांकि 2021 में CPI(M) नेता एम.बी. राजेश से हार गए।
कब-कब विवादों में फंसे वी.टी. बलराम? (V T Balram controversy)
वी. टी. बलराम पहली बार विवाद में नहीं फंसे हैं। 2010 में उन्होंने कांग्रेस के संगठन में जातीय नेताओं के दखल की आलोचना की थी। 2018 में उन्होंने CPI(M) के वरिष्ठ नेता ए.के. गोपालन और उनकी पत्नी सुशीला की शादी पर सवाल उठाए थे, क्योंकि दोनों की उम्र में बड़ा अंतर था।
वामपंथी लेखकों पर भी बलराम ने आरोप लगाया था कि वे CPI(M) से जुड़े राजनीतिक हत्याओं पर चुप्पी साध लेते हैं। यानी, बेलौस बयानबाजी और विवादों में रहना बलराम की पहचान रही है।

बिहार-बिड़ी पोस्ट कैसे बना बवाल?
केरल कांग्रेस के आधिकारिक X (Twitter) अकाउंट से एक पोस्ट डाला गया- "Bidis and Bihar start with B. Cannot be considered a sin anymore." पोस्ट के साथ एक ग्राफिक भी था, जिसमें दिखाया गया था कि GST में बिड़ी पर टैक्स घटाकर 28% से 18% कर दिया गया है, जबकि सिगरेट पर टैक्स बढ़ाकर 40% किया गया है।
असल में, यह पोस्ट मोदी सरकार की GST पॉलिसी पर तंज कसने के लिए था। लेकिन "बिहार और बिड़ी" को एक साथ जोड़ने वाली भाषा बेहद आपत्तिजनक मानी गई। नतीजा यह हुआ कि बिहार की राजनीति में आग लग गई।
कांग्रेस का बचाव, लेकिन बैकफुट पर बलराम
पोस्ट के वायरल होते ही RJD नेता तेजस्वी यादव ने नाराजगी जताई और कांग्रेस से माफी की मांग की। चूंकि बिहार चुनाव नजदीक हैं, कांग्रेस के लिए यह बड़ा संकट बन गया।
कांग्रेस ने तुरंत सफाई दी कि यह गलती डिजिटल मीडिया सेल की थी और बलराम इसका हिस्सा तो हैं, लेकिन पोस्ट उनकी जानकारी के बिना डाला गया। पार्टी ने यह भी कहा कि बलराम ने खुद दखल देकर विवादित पोस्ट हटवाया।
हालांकि, कांग्रेस के भीतर भी मतभेद सामने आए। विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने कहा कि उन्हें तो पता ही नहीं था कि कांग्रेस का कोई सोशल मीडिया सेल भी है। दूसरी ओर, केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने साफ किया कि पार्टी बलराम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, लेकिन डिजिटल सेल को नए सिरे से गठित किया जाएगा।
क्या अब वी.टी बलराम को कांग्रेस करेगी साइडलाइ?
बलराम खुद फेसबुक पोस्ट में कह चुके हैं कि उन्होंने पार्टी को पहले ही बता दिया था कि डिजिटल मीडिया सेल को संभालने में उनकी कुछ सीमाएं हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस विवाद के बाद कांग्रेस उन्हें धीरे-धीरे किनारे कर देगी? क्योंकि लोकल बॉडी चुनाव और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी सोशल मीडिया विंग को नए सिरे से तैयार करने जा रही है। ऐसे में बलराम का भविष्य किस दिशा में जाएगा, यह देखने वाली बात होगी।
वी.टी. बलराम एक समय केरल कांग्रेस में 'यंग ब्रिगेड' का चेहरा थे। जनता की नजरों में उन्होंने छवि बनाई थी कि वह शिक्षित और प्रोग्रेसिव नेता हैं। यहां तक कि 2017 में उन्होंने अपने बेटे का नाम सरकारी प्राइमरी स्कूल में लिखाकर यह संदेश भी दिया था कि वह पब्लिक एजुकेशन में भरोसा रखते हैं।
लेकिन राजनीति में एक गलत पोस्ट भी करियर को बड़ा झटका दे सकती है। "बिहार-बिड़ी" विवाद ने यह साबित कर दिया है कि चुनावी मौसम में जरा-सी चूक भी विपक्ष को हथियार थमा देती है।












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