Bihar Chunav 2025: ‘आई लव यू बुलडोजर बाबा’ के नारों से गूंजी योगी की नरपतगंज रैली, बिहार में बढ़ा सियासी जोश
Bihar Chunav 2025: बिहार की राजनीति इन दिनों पूरी तरह गर्म है। चुनावी रैलियों में नारों, गानों और नेताओं की आवाज़ों से पूरा माहौल चुनावी रंग में रंग चुका है। इसी बीच अररिया जिले के नरपतगंज में एक जनसभा ने सबका ध्यान खींच लिया।
जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे तो भीड़ का उत्साह देखने लायक था। लोगों ने "आई लव यू योगी बाबा, आई लव यू बुलडोजर बाबा" के नारे लगाए। गाने के साथ-साथ सुर में लोग 'आई लव यू योगी बाबा, आई लव यू बुलडोजर बाबा' को गाने की तरह गाया।

यह नारा केवल भीड़ का जोश नहीं था, बल्कि उस छवि की झलक भी था जो योगी ने उत्तर प्रदेश में अपने सख्त प्रशासन और कानून व्यवस्था के लिए बनाई है। अब यही "बुलडोजर ब्रांड" बिहार के चुनावी मैदान में एनडीए के प्रचार का मुख्य चेहरा बनता दिख रहा है।
'बुलडोजर बाबा' की छवि का असर बिहार तक
यह नारा महज एक नारा नहीं, बल्कि योगी की सख्त छवि और अपराध पर उनके कठोर रवैये का प्रतीक बन गया है। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई ने उन्हें "बुलडोजर बाबा" की पहचान दी है। अब बिहार की रैलियों में यही छवि एनडीए के लिए वोट जुटाने का हथियार बन रही है।
#WATCH | The song "I love you Yogi baba, I love you Buldozer baba" is being played in the public meeting of Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath, who reached Narpatganj assembly constituency of Bihar for an election campaign.#BiharAssemblyElections pic.twitter.com/zSWuM05vMl
— ANI (@ANI) November 9, 2025
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योगी बोले - बिहार में फिर चाहिए डबल इंजन सरकार
सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार को फिर से "जंगल राज" की ओर नहीं जाने देना है। योगी ने दावा किया कि डबल इंजन की सरकार ने राज्य में विकास की दिशा को तेज किया है और लोगों को सुरक्षा, रोजगार और सम्मान मिला है।
दो चरणों में वोटिंग, 14 नवंबर को नतीजे
चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार, पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को हुआ है। अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब परिणाम घोषित होंगे। पहले चरण में 64.66 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जिसने सभी दलों की रणनीतियों को प्रभावित किया है।
मुख्य मुकाबला NDA और महागठबंधन के बीच
बिहार की सियासत इस बार भी दो बड़े गठबंधनों के बीच सिमटी है। एक ओर है एनडीए (भाजपा-जदयू), और दूसरी ओर महागठबंधन (राजद-कांग्रेस)। दोनों ही पक्ष मतदाताओं को अपने-अपने मुद्दों से साधने में जुटे हैं। जहां एनडीए 'कानून व्यवस्था' और 'डबल इंजन सरकार' को मुद्दा बना रहा है, वहीं महागठबंधन रोजगार, महंगाई और सामाजिक न्याय के सवालों पर जनता को जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
सीमांचल में योगी फैक्टर से बढ़ी हलचल
सीमांचल जैसे इलाकों में योगी आदित्यनाथ का प्रचार राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। यहां के सामाजिक समीकरण जटिल हैं, और बीजेपी योगी की लोकप्रियता के जरिए हिंदुत्व और विकास के संदेश को एक साथ जनता तक पहुंचा रही है। नरपतगंज की सभा में लगाए गए नारे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि योगी की छवि का असर अब यूपी से निकलकर बिहार के गांवों तक पहुंच चुका है।
नेता कोई भी हो, मुद्दे अब बदल चुके हैं
ग्राउंड पर लोगों के बीच चर्चा अब नेताओं से ज्यादा मुद्दों की है। बेरोजगारी, युवाओं के अवसर, महिला सुरक्षा और शिक्षा जैसे विषय इस चुनाव में प्रमुख हैं। मगर प्रचार के दौरान 'बुलडोजर बाबा' जैसे नारों से साफ है कि जनता अब भी करिश्माई चेहरों से प्रभावित है।
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