Bihar Election 2025: चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद तेजस्वी ने किया जीत का दावा, बोले- जनता तय कर चुकी है बदलाव
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) की तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक तरफ बिहार की राजनीतिक पार्टियों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है, वहीं विपक्ष ने चुनाव आयोग पर सीधे निशाना साधा है।
इस बीच महागठबंधन के नेता और RJD प्रमुख तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने आगामी चुनाव में महागठबंधन की जीत का दावा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर भी तीखे हमला बोला।

तेजस्वी यादव का जीत का दावा
RJD नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कहा, "हमें ऐसा सीएम नहीं चाहिए जो गुहार लगाए। हमें ऐसा सीएम चाहिए जो शेर की तरह दहाड़े, जो जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ सके और न्याय दिला सके।" तेजस्वी ने कहा कि 14 नवंबर की तारीख इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगी। उन्होंने महागठबंधन की सरकार बनाने का दावा करते हुए कहा, "लोग बिहार में बदलाव चाहते हैं। पिछले 20 सालों में राज्य को अपराध, भ्रष्टाचार, नौकरशाही, तानाशाही और घोटाले मिले। अब जनता इनसे तंग आ चुकी है। जब मैं मुख्यमंत्री बनूंगा, बिहार में कोई भी घर बेरोजगार युवाओं से खाली नहीं रहेगा।"
तेजस्वी ने कहा कि महागठबंधन इस बार सरकार बनाएगा और जनता का हर प्रतिनिधि मुख्यमंत्री बनेगा, यानी बदलाव का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने इसे बिहार में एक महोत्सव के रूप में बताया और कहा कि जनता की उम्मीदों के साथ न्याय करना उनका प्राथमिक लक्ष्य होगा।
कांग्रेस ने EC पर उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग पर संशय व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरे साल कोई तैयारी नहीं की गई और अंतिम समय में प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार की दखलअंदाजी के बाद ही तारीखें तय की गईं। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारीखें घोषित नहीं की गईं क्योंकि फंड नहीं पहुंच पाए थे, और अब फंड मिलने के बाद ही ऐलान किया गया।
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने चुनाव आयोग की तारीखों की घोषणा पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा, "इतना बेशर्म चुनाव आयोग कभी नहीं देखा। जिस आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद थी, उसने हर भ्रम तोड़ दिया। चुनाव कार्यक्रम, जो बीजेपी मुख्यालय से भेजा गया था, बस पढ़ दिया गया। बिहार का बच्चा-बच्चा जानता था कि अधूरी मेट्रो के उद्घाटन के बाद चुनाव की तारीखें घोषित होंगी। इस कदम ने आयोग की साख पर सवाल खड़ा कर दिया।"
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद बिहार में राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ने वाला है। महागठबंधन और एनडीए के बीच सत्तासंघर्ष अब और भी तेज हो जाएगा। कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य की राजनीति अब पूरी तरह उबाल पर है, और आगामी चुनावी युद्ध में सभी दल सक्रिय होने के संकेत दे रहे हैं।












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