बिहार चुनाव : क्या नरेन्द्र मोदी को मिल गयी जीत की सुगंध?

क्या बिहार के युवा वर्ग को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रोजगार नीति पर अभी भी भरोसा है ? विपक्षी दल नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने रोजगार का सपना दिखा कर नौजवानों को ठगा है। नरेन्द्र मोदी जब पटना की चुनावी सभा में आइटी क्षेत्र में रोजगार की बातें कर रहे थे तब भीड़ से युवकों ने उनका जोरदार समर्थन किया। नौजवानों के जोशीले शोर से खुश मोदी ने कहा, अरे ! आपका उत्साह मुझे मंजूर है भइया, मेरी आपसे से प्रार्थना है, अभी काफी दिन काम करना है। क्या अब बिहार आइटी हब बनने वाला है ? क्या इसके लिए जनता मोदी और नीतीश को फिर मौका देगी?

मुझे अभी बहुत काम करना है- मोदी
पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में बुधवार को एनडीए की चुनावी सभा थी। इस सभा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबोधित किया। पीएम ने कहा, नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार विकास के नये रास्ते पर बढ़ रहा है। आज देश में टेक्नोलॉजी की नयी क्रांति आ रही है। पटना देश का एक और आइटी हव बने वाला है। पटना में आइटी हब बनने की पूरी संभावना है। एक बड़ी आइटी कंपनी ने तो पटना में ऑफिस भी खोल लिया है। इस ऑफिस के खुलने से बिहार के दक्ष नौजवानों के लिए अवसर के द्वार खुले हैं। बिहार के तकनीकी शिक्षा प्राप्त नौजवान घर बैठे बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। देश में टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने में बिहार के प्रतिभाशाली नौजवानों की बड़ी भूमिका रही है। वे जंगलराज के दौरान बिहार से पलायित हो कर भारत के कई बड़े शहरों में गये। अब बिहार के नौजवान अपने राज्य में टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाएंगे। यह नीतीश जी के सुशासन से ही संभव हो पाया। नरेन्द्र मोदी के इतना कहने पर सभा में मौजूद नौजवानों ने मोदी का समर्थन किया। उनके शोर को सुन कर मोदी ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया। जिस तरफ से शोर उभरा उस तरफ मुखातिब हुए और कहा, मुझे आपका उत्साह मंजूर है भइया। मोदी ने संतुष्ट भाव से यह भी कहा कि उन्हें अभी बहुत काम करना है। नरेन्द्र मोदी ने किस आधार पर कहा कि उन्हें अभी बहुत काम करना है ? क्या मोदी को फिर जीत का भरोसा है?

जनसभा की भीड़ से मोदी उत्साहित
पटना की सभा में शामिल होने से पहले नरेन्द्र मोदी दरभंगा और मुजफ्फरपुर में रैली कर चुके थे। उन्होंने कहा, मैं चुनाव प्रचार के लिए दूसरी बार बिहार आया। पटना में उपस्थिति जनसमूह से मेरा आत्मविश्वास और बढ़ गया है। दरभंगा और मुजफ्फरपुर में भी लोगों का समर्थन देख कर मैं अभिभूत हूं। मंच पर अगल-बगल बैठे मोदी और नीतीश बहुत आत्मियता से बात कर रहे थे। दोनों ने एक दूसरे की जम कर तारीफ की। नीतीश कुमार ने कहा, आदरणीय प्रधानमंत्री ने बिहार के विकास के लिए बड़ी कृपा की है। प्रधानमंत्री ने बिहार के लिए जो काम किया उसे यहां के लोग कभी भूल नहीं सकते। नीतीश कुमार ने मेट्रो रेल, गरीब महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस, पुल- सड़क निर्माण, स्मार्ट सिटी निर्माण मामले में केन्द्रीय सहयोग का जिक्र किया। नीतीश कुमार इसके पहले कभी भी केन्द्रीय सहायता के लिए कृपा शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। नीतीश कुमार यही मानते रहे हैं कि केन्द्रीय आवंटन, राज्यों का अधिकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीतीश कुमार को अपना मित्र बताते हुए उनके काम करने के तरीके की भरपूर तारीफ की। मोदी- नीतीश की सभा में लोगों की भीड़ जुट रही है, जदयू इसी बात से खुश है। इसलिए नीतीश कुमार, नरेन्द्र मोदी के लिए अतिशय विनम्रता दिखा रहे हैं।

फीडबैक के बाद नीतियों में तब्दीली
नीतीश कुमार अपनी हर सभा में सात निश्चय पार्ट-2 का बढ़ चढ़ कर जिक्र कर रहे थे। दूसरी तरफ नरेन्द्र मोदी अपनी सभाओं में आत्मनिर्भर भारत का जिक्र करते थे। इससे जनता में ये संदेश जाने लगा कि भाजपा और जदयू अपने-अपने निजी एजेंडे पर चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों में आपसी तालमेल नहीं है। इससे दोनों दलों के समर्थकों के बीच गलतफहमियां पैदा हो रही थीं। लेकिन पटना में न तो नीतीश ने सात निश्चय पार्ट-2 का जिक्र किया और न ही मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का बखान किया। दोनों ने एक दूसरे की सराहना की और जंगलराज का हवाला देकर जनता से समर्थन की अपील की। फीडबैक के बाद भाजपा और जदयू ने मजबूती से एक दूसरे हाथ पकड़ लिया है। पहले चरण के चुनाव के दिन नीतीश ने एक फिर प्रवासी मजदूरों को याद दिलाया कि नरेन्द्र मोदी के एक बड़े फैसले की वजह से उन्हें नवम्बर तक मुफ्त राशन मिल रहा है। चुनाव में इस बात की चर्चा है कि प्रवासी मजदूर अपनी दिक्कतों से नाराज हैं। 2020 में जो नये वोटर बने हैं उनमें करीब 16 लाख प्रवासी मजदूर हैं। इसलिए भाजपा और जदयू दोनों इन्हें लुभाने की कोशिश में हैं।












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