'अनोखा फ़र्ज़ीवाड़ा' सज़ा से बचने के लिए खुद को ही साबित कर दिया मुर्दा, ऐसे खुली पोल
bhagalpur court
Bhagalpur Court: बिहार के विभिन्न जिलों से अपराध कई मामले उजागर होते रहते हैं, आज हम आपको एक रेप के आरोपी का एक ऐसा कारनामा बताने जा रहे हैं, जिसने सज़ा से बचने के लिए खुद को ही मुर्दा साबित कर दिया। इस शातिर कारनामे में उसके पिता का भी हाथ है। पिता ने बेटे की चिता सजा कर उसे लिटाया। फिर बाजाबते उसका फोटो शूट कर थाने में सबूत के तौर पर जमा भी कर दिया। मामले की पोल खुलने पर पुलिस भी बाप-बेटे का शातिर कारनामा देख हैरान रह गई। वहीं लोग भी कह रहे हैं, इस तरह का गोलमाल पहली बार देखा है।

कोर्ट ने बंद कर दिया था केस
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पूरा मामला चार पहले का है, 14 अक्टूबर 2018 को कोर्ट ने आरोपी के पिता द्वारा दिए गए दस्तावेज़ के आधार पर केस को बंद कर दिया था। वहीं मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। आइए जानते हैं कि इस अनोखे फ़र्ज़ीवाड़े की पूरी कहानी क्या है। बिहार के भागलुर जिला में सज़ा से बचने के लिए आरोपी शिक्षक ने ज़माने की निगाह में खुद को मुर्दा घोषित कर दिया। उसी आधार पर उसके पिता ने दस्तावेज़ बनाए और कोर्ट ने केस भी बंद कर दिया।

पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
आरोपी शिक्षक निवासी इशीपुर बराहाट (पीरपैंती, भागलपुर) ने अपने स्कूल की नाबालिग छात्रा से साल 2018 में रेप किया था। नाबालिग से रेप की वजह से पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी ने खुद को सज़ा से बचाने के लिए अपने पिता राजाराम मोदी की मदद ली और अपनी ही मौत को झूठा फलसफा तैयार किया। पिता ने अपने ज़िंदा बेटे को चिता पर लिटाया और उसकी तस्वीर ली। इतना ही नहीं चिता जलाने के लिए ली गई लकड़ी का बिल लिया। तस्वीर और बिल के आधार पर बीडीओ से मृत्यु प्रमाणपत्र भी बनवा लिया।

पुलिस से लेकर कोर्ट तक को किया गुमराह
नवटवरलाल पिता और पुत्र ने पुलिस से लेकर कोर्ट तक और ग्रामीण से लेकर पीड़ित परिवार तक को गुमराह किया। बीडीओ से मृत्यु प्रमाणपत्र मिलने के बाद पिता ने दस्तावेज़ को कोर्ट में जमा किया। मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को मरा हुआ समझ कर केस बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी शिक्षक गांव से गायब ही हो गया। वहीं पीड़ित परिवार अपनी बच्ची के साथ हुई दरिंदगी पर इंसाफ के लिए कोशिश करती रही। पीड़ित परिवार को शक था कि आरोपी मरा नहीं है, उसने फ़र्ज़ीवाड़ा किया है।

फ़र्ज़ी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने की शिकायत
पीड़िता की मां किसी तरह से यह जानकारी मिली थी कि आरोपी शिक्षक औक उसके पिता ने सज़ा से बचने के लिए यह झूठा नाटक किया है। इसके बाद महिला ने बीडीओ से शिकायत करते हुए कहा कि उनके कार्यालय से फ़र्ज़ी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया है। बीडीओ ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच करवाई। 21 मई को मामला का खुलासा हुआ।

आरोपी शिक्षक ने किया सरेंडर
फर्ज़ी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का खुलासा होने के बाद आरोपी के पिता पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी राजा राम मोदी को गिरफ्तार किया और रेप के आरोपी का मृत्यु प्रमाण पत्र बीडीओ ने रद्द कर दिया। इसके बाद आरोपी पिता को जेल भेज दिया गया वहीं रेप के आरोपी बेटे को पुलिस तलाश कर रही थी। पिता के गिरफ्तार होने के बाद रेप का आरोपी शिक्षक कोर्ट में पहुंच कर खुद को सरेडर कर दिया। आरोपी नीरज को न्यायिक हिरासत में भेजकर आगे की कार्रवाई जारी है।
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