Begusarai Liquor Mafia: शराब माफियाओं ने किया पुलिस की टीम पर हमला, कई पुलिसकर्मी घायल
बिहार में कागज़ों पर शराबबंदी नज़र आ रही है, हकीक़त में व्यवस्था मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फ़ैसले को मुंह चिढ़ाती हुई नज़र आ रही है। छापेमारी करने टीम पर शराब माफिया हमला कर रहे हैं, उन्हे प्रशासन का खौफ ही नहीं है।

Begusarai Liquor Mafia: बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार हो रहा है। वहीं छापेमारी करने पहुंच रही टीम पर हमले भी हो रहे हैं। कुछ दिन पहले बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में शराब माफियाओं ने आबकारी विभाग की टीम पर हमला किया था। वहीं अब बेगूसराय में शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई टीम पर हमले का मामला सामने आया है। खुशबु कुमारी ( थानाध्यक्ष) ने बताया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र में नींद की गोलियां और अन्य रसायन मिलाकर अवैध शराब का निर्माण किया जा रहा था। पुलिस की टीम जब छापेमारी करने पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने पर हमला कर दिया। पुलिस की टीम जब दोबारा पहुंची तो वहां मौजूद लोग भाग गए। छापेमारी के दौरान 350 लीटर शराब बरामद हुआ।

शराब माफियाओं के हौसले बुलंद !
बेगूसराय में शराब की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची उत्पाद थाना की पुलिस पर शराब माफियाओं ने एक बार फिर हमला किया है। जिसमें कई पुलिसकर्मी ज़ख्मी हो गए। पुलिस की टीम पर हमले के बाद काफी तादाद में पुलिस बल मौके पर पहुंची। जिसके बाद शराब माफिया वहां से भाग निकले। मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरा रजौड़ा वार्ड 12 (मुफस्सिल थाना क्षेत्र) का है। उत्पाद थाना पुलिस गुप्त सूचना के आधार पर राजौरा वार्ड नंबर 12 में अवैध शराब मामले में छापेमारी करने पहुंची थी। खुशबू कुमारी (थाना प्रभारी) के नेतृत्व में पुलिस टीम छापेमारी करने गई थी।
आबकारी विभाग टीम पर हमला
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में शराब माफियाओं ने आबकारी विभाग की टीम पर हमला कर दिया। आबकारी विभाग की एसआई ममता ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि धनगर टोली इलाके में छापेमारी के लिए सुबह टीम गई थी। आबकारी विभाग की टीम पर शराब कारोबार से जुड़ी महिलाओं ने हम कर दिया। हमले में कुछ अधिकारी ज़ख़्मी हो गए। वही वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
बिहार के सारण ज़िले में हुए शराब कांड का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शराब माफियाओं ने फिर मामले को तूल पकड़ा दिया है। आपको बता दें कि सारण जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। अवैध शराब मामले में मानवाधिकार आयोग ने मौत की वजहों की जांच के लिए टिम गठित किया है।
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