Bihar News: कौन हैं बबिता जिन्हें कचरे से सामान बनाने के लिए राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
बिहार के मुजफ्फरपुर से ताल्लुक रखने वाली बबिता गुप्ता को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है। गांव के लोग बबिता को बधाई देते हुए उनकी जमकर तारीफ़ कर रहे हैं।
Bihar की महिलाएं भी पुरुषों की तरह प्रदेश का झंडा बुलंद कर रही हैं। महिलाओं को उनके हुनर के लिए सम्मान भी मिल रहा है। इसी क्रम में आज हम आपको बबित गुप्ता के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें हाल ही में राष्ट्रपति ने सम्मानित किया है। ग़ौरतलब है कि बबिता को कचरे से आकर्षक सामान बनाने के लिए सम्मानित किया गया है। बेकार चीज़ों को आकार देते हुए बबिता अपने सपने को साकार कर रही हैं। देश की राजधानी नई दिल्ली में हाल ही में "स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023" समारोह आयोजित की गई थी। बिहार से सिर्फ़ बबिता गुप्ता को विज्ञान भवन (दिल्ली) में राष्ट्रपति ने सम्मानित किया।

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए मिला सम्मान
मुजफ्फरपुर जिले के सकरा की रहने वाली बबिता गुप्ता को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया है। प्लास्टिक के कचड़े से सजावट और अन्य चीज़ों का निर्माण करती है। इसके साथ बबिता दूसरी महिलाओं को भी अपशिष्ट प्रबंधन की ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर भी बना रही हैं। आपको बता दें कि "स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023" समारोह का आयोजन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से किया गया था। समारोह के मद्देनज़र देश भर से स्वच्छता एवं पेयजल के क्षेत्र में सराहनीय काम करने वाली महिलाओं से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाए गए थे।

बबिता के पहल की जमकर हो रही सराहना
"स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023" के लिए देश भर से हज़ारों की तादाद में नाम आए थे। वहीं बिहार से 130 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। जीविका समूह और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (सकरा) से जुड़ी बबिता गुप्ता का इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ था। राहुल कुमार (जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी,स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) मिशन के निदेशक) ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर बिहार से सकरा की बबिता गुप्ता का प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चुना जाना गौरव की बात है। बबीता को सम्मानित किए जाने से ग्रामीण इलाके में स्वच्छता मिशन पर काम कर रही महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी।

बेकार प्लास्टिक के इस्तेमाल को बबिता ने दिया बढ़ावा
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) मिशन के निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि बबिता की इस कोशिश से पर्यावरण को फायदा भी मिल रहा है। बेकार प्लास्टिक के कचड़े से कृत्रिम फूलों के गुलदस्ते, पाउच, पेंडेंट, पर्स और बैग बनाकर बबिता ने सकारात्मक पहल की है। बबिता ने बेकार प्लास्टिक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यावरण पर पड़ रहे इसके नकारात्मक प्रभाव को भी कम किया है।
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