'एक कागज में लिखवाना है..' आरोपी पत्नी को कोर्ट से बड़ी राहत, अब Atul के पिता के पास पहुंची पुलिस, छलक उठा दर्द
Atul Subhas Case News Update: AI इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या मामले पर आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच दलीलों का दौर जारी है, इसी क्रम में कोर्ट से आरोपी पक्ष अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया, उनकी मां निशा और भाई अनुराग को ज़मानत मिल गई है।
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वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए अतुल के पिता पवन मोदी ने कोर्ट से मिली ज़मानत को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने कहा अगर HC में मामले को अनसुना किया गया तो उच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे।

पवन मोदी को सता रहा डर: पवन मोदी (अतुल के पिता) निकिता की रिहाई के बाद अपने पोते व्योम की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। आपको बता दें कि बेंगलुरु कोर्ट ने हाल ही में निकिता और उसके परिवार के सदस्यों को ज़मानत दी है। इस फ़ैसले ने पवन मोदी को व्योम की भलाई के बारे में चिंतित कर दिया है।
पवन मोदी को अपने पोते की सुरक्षा की चिंता है, उन्होंने सवाल किया कि निकिता के ज़मानत पर बाहर आने के बाद व्योम के साथ अनहोनी हो सकती है। वह लोग अपराधि प्रवृति के लोग हैं। मात्र 4 साल की उम्र में व्योम को बोर्डिंग स्कूल में डाल दिया गया था। इससे ही अंदाज़ा लगा लीजिए कि निकिता कैसी है, बेटे के प्रति कैसा रवैया है।
बेटे को बोर्डिंग स्कूल में डाल दिया: 17 जनवरी 2024 को निकिता ने व्योम का दाखिला फरीदाबाद के एक बोर्डिंग स्कूल में करा दिया। पवन ने सवाल उठाया कि इतने छोटे बच्चे को सर्दियों की छुट्टियों में घर से दूर क्यों भेजा गया, जबकि ज़्यादातर बच्चे अपने परिवार के साथ होते हैं। इस स्थिति ने उसे बहुत परेशान कर दिया है।
कानूनी कार्रवाई और हिरासत की लड़ाई: पवन मोदी ने बताया कि उनकी पत्नी अंजू ने व्योम की कस्टडी को लेकर याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक की सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बेंगलुरु पुलिस ने पहले ही कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
पुलिस के दौरे से बढ़ा संदेह: पवन मोदी ने बताया कि जौनपुर पुलिस, समस्तीपुर स्थित घर पर पहुंची। उन्होंने अतुल की मौत की पुष्टि करने वाला लिखित बयान देने को कहा। पवन मोदी ने कहा जिस कागज़ पर मौत की पुष्टि करने की बात लिखने को कह रहे थे, उस पर कोर्ट या कोई सरकारी मुहर वगैरह नहीं था।
अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ों में विसंगतियां थी। पवन ने इन अधिकारियों के प्रति अविश्वास व्यक्त किया, उन्हें डर था कि वे उनसे या उनके परिवार से प्राप्त किसी भी लिखित बयान का दुरुपयोग कर सकते हैं। इस घटना ने स्थानीय अधिकारियों पर उनके विश्वास को और कम कर दिया है।
न्यायालय ने दिए जांच के आदेश: अतुल सुभाष की मौत के बाद उनके वकील ने 12 दिसंबर को दहेज उत्पीड़न से संबंधित एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसके बाद अदालत ने इस जांच के तहत अतुल की मौत पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश कोतवाली पुलिस को दिए थे।
पवन मोदी अपने बेटे के लिए न्याय पाने के लिए दृढ़ संकल्प हैं, साथ ही चल रही कानूनी लड़ाई और व्यक्तिगत दुःख के बीच व्योम की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
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