बिहार के मधुबनी जिले में फर्जी कोरोना टेस्टिंग का मामला, स्वास्थ्य मंत्री ने किया खुलासा
पटना, सितंबर 22। बिहार के मधुबनी जिले में कोरोना टेस्टिंग में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। दरअसल, मंगलवार को मधुबनी जिले में लगभग 148 कोरोना टेस्ट किए गए थे। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट सामने आई थी, लेकिन शाम होते-होते स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से इसको लेकर जानकारी सामने आई कि टेस्टिंग में गड़बड़ी हो सकती है। ये सभी टेस्ट एंटीजन किट से किए गए थे। बाद में इनकी आरटीपीसीआर जांच की गई तो सभी नेगेटिव आए। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने खुद इस बात की पुष्टि की है।

2 दिन के अंदर मिले 67 मरीज
मंगल पांडेय के बयान के मुताबिक, "मधुबनी में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सामने आ रही थी, लेकिन वो सभी रिपोर्ट गलत थी। कल, मधुबनी में लगभग 148 लोगों के सैंपल लिए गए थे, सभी नमूनों ने COVID19 के लिए नकारात्मक परीक्षण किया है। आपको बता दें कि अन्य राज्यों से मधुबनी रेलवे स्टेशन पहुंच रहे लोग कोरोना पॉजिटिव मिल रहे थे। पिछले 2 दिन के अंदर मधुबनी रेलवे स्टेशन पर 67 लोगों की कोरोना टेस्टिंग रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इन सभी का एंटीजन टेस्ट किया गया था।
दिल्ली और मुंबई से आए यात्री मिल रहे थे कोरोना पॉजिटिव
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, दिल्ली से स्वतंत्र सेनानी एक्सप्रेस के 35 यात्रियों का सोमवार को कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था, जबकि मुंबई के 32 यात्री रविवार को संक्रमित निकले थे। इसके बाद से प्रशासन की चिंता बढ़ी। इन यात्रियों में तीन यात्रियों ने अपने गांव में रैपिड एंटिजन किट से दोबारा टेस्ट किया तो वो नेगेटिव आया। इस आधार पर जिला अधिकारियों ने इस परीक्षण को सहीं नहीं माना।
आपको बता दें कि बिहार में कोरोना की स्थिति फिलहाल काबू में है। 21 सितंबर को राज्य के अंदर कोरोना के कुल 6 मरीज सामने आए थए, जबकि किसी मरीज की कोरोना के कारण मौत नहीं हुई थी।












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