अनंत सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, चुनाव के वक्त रहेंगे सलाखों के पीछे, दुलारचंद हत्याकांड में गिरफ्तारी
Anant Singh judicial custody: बिहार की सियासत में चर्चित नाम और मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। RJD नेता दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह को कोर्ट ने रविवार (02 नवंबर) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
शनिवार (01 नवंबर) की देर रात करीब 150 पुलिसकर्मियों की टीम ने बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना में स्थित अनंत सिंह के कारगिल चौक वाले घर पर छापा मारा और अनंत सिंह को गिरफ्तार किया। पूरी कार्रवाई पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में हुई। पुलिस ने अनंत सिंह को हिरासत में लेकर पटना सिविल कोर्ट में पेश किया, जहां CJM कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अनंत सिंह के वकील नवीन कुमार ने कहा, "यह एक कानूनी प्रक्रिया है। उन्हें गिरफ्तार किया गया है क्योंकि उनका नाम एफआईआर में है। अनंत सिंह समेत तीन लोगों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने रिमांड की मांग नहीं की थी।''
🔹 अनंत सिंह बोले- ''घटना के वक्त मैं काफिले से आगे निकल चुका था''
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की ब्लैक स्कॉर्पियो में बैठाकर उन्हें कोर्ट तक लाया गया। बताया जा रहा है कि अनंत सिंह को शनिवार रात रंगदारी सेल में रखा गया था, जहां उन्होंने रातभर नींद नहीं ली। पूछताछ के दौरान उन्होंने बार-बार कहा, "घटना के वक्त मैं काफिले से आगे निकल चुका था, पीछे क्या हुआ, मुझे पता नहीं।"
इस गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है, क्योंकि अनंत सिंह इस बार मोकामा सीट से JDU के उम्मीदवार हैं। ऐसे में चुनावी माहौल के बीच उनका जेल जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
🔹 मोकामा में तीन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की 30 अक्टूबर को हत्या के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मोकामा को बाहुबलियों का गढ़ माना जाता है और इस सीट पर अब तीन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है जेडीयू ने अनंत सिंह, आरजेडी ने सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पीयूष प्रियदर्शी को मैदान में उतारा है।
🔹 दुलारचंद हत्या के बाद बढ़ा दबाव, अनंत सिंह पर गिरी गाज
दुलारचंद यादव के परिवार ने हत्या का आरोप सीधे जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह पर लगाया। इसके बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव तेजी से बढ़ा। जांच के दौरान पुलिस ने सबूत जुटाए और जांच की दिशा तय होते ही 1 नवंबर की देर रात अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। घोसवरी थाना में अनंत सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि जन सुराज समर्थक की हत्या चुनावी रंजिश में की गई।
वहीं हत्या के शिकार RJD नेता दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने कहा, "हम दादा का ब्रह्मभोज तभी करेंगे जब अनंत सिंह को फांसी की सजा मिलेगी।" दूसरी ओर, जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने कहा, "यह कदम स्वागत योग्य है, हालांकि अगर पहले ही कार्रवाई हो जाती तो बेहतर होता। देर से सही, न्याय की दिशा में कदम उठाया गया है।"
🔹 रात 11 बजे हुई थी कार्रवाई, 2 बजे हुई गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा
1 नवंबर की रात करीब 11 बजे पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में करीब 150 पुलिसकर्मियों की टीम बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव पहुंची। यहां अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, SSP ने अनंत सिंह से पांच मिनट तक बातचीत की और फिर 11:30 बजे उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उन्हें ब्लैक स्कॉर्पियो से पटना लाया गया और रात करीब 2 बजे उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा की गई।
🔹 चुनाव आयोग सख्त: चार अफसरों पर गिरी गाज
मोकामा हत्या कांड के बाद चुनाव आयोग ने भी बड़ा एक्शन लिया। मामले की गंभीरता देखते हुए आयोग ने प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्ती दिखाई।
- बाढ़-1 के SDO और मोकामा के रिटर्निंग ऑफिसर चंदन कुमार को हटा दिया गया और उनकी जगह आशीष कुमार (एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर, पटना) को भेजा गया।
- बाढ़ SDPO राकेश कुमार का तबादला कर CID के DSP आनंद कुमार सिंह को नियुक्त किया गया।
- बाढ़-2 SDPO अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया गया और ATS के DSP आयुष श्रीवास्तव को उनकी जगह भेजा गया।
- साथ ही, पटना (ग्रामीण) के SP विक्रम सिहाग का भी ट्रांसफर कर दिया गया।
अब सबकी नजरें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि बाहुबली अनंत सिंह आगे भी जेल में रहेंगे या बाहर आकर चुनावी मैदान में उतर पाएंगे।












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