NEET Exam: सॉल्वर गैंग के सदस्य ने बताया कितने में हुई थी डील, एक गलती की वजह से खुली पोल
NEET Exam Solver Gang: बिहार के पूर्णिया जिले से एक सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है, जो कि नीट एग्ज़ाम में दूसरे परीक्षार्थियों की जगह पर परीक्षा देने पहुंचे थे। पुलिस ने चार फर्जी छात्र को गिरफ्तार किया है। इनमें से 3 बिहार के विभिन्न जगहों से ताल्लुक रखता है। वहीं एक राजस्थान का रहने वाला है।
यह चारो दूसरे का एडमिट कार्ड लेकर एग्ज़ाम देने पहुंचे थे। उन्हें क्या पता था कि बायोमेट्रिक जांच में उनकी पोल खुल जाएगी। जब वह परीक्षा केंद्र पहुंचे बायोमेट्रिक जांच हुई और चारों की पोल खुल गई। स्कूल प्रबंधन ने सभी आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस की तफ्तीश में उन्होंने यह कबूल किया कि वह लोग विभिन्न जगहों से एग्ज़ाम देने पहुंचे थे। नीट एग्ज़ाम क्लियर कराने के लिए पांच लाख रुपयों की डील हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के बेगूसराय जिले से सौरभ कुमार, भोजपुर जिले से नीतीश कुमार और सीतमाढ़ी निवासी मयंक शामिल है। राजस्थान के जरौल निवासी कमलेश कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
श्वेता कुमारी मधुबनी थानाध्यक्ष ने कहा कि भोजपुर जिले का रहने वाला नीतीश कुमार, मुजफ्फरपुर जिला निवासी आशीष कुमार के जगह पर एग्ज़ाम देने पहुंचा था। बेगूसराय निवासी सौरभ कुमार, सीतामढ़ी जिला के रहने वाले तथागत कुमार के बदले एग्ज़ाम देने आया था।
सीतामढ़ी जिला निवासी मयंक चौधरी, मुजफ्फरपुर जिला के रहने वाले दीपक कुमार सिंह की जगह पर एग्ज़ाम देने आया था। राजस्थान जरौल का रहने वाला कमलेश कुमार, सिवान जिला के रहने वाले धीरज प्रकाश के बदले पूर्णिया एसआरडीएवी स्कूल परीक्षा देने पहुंचा था।
एग्ज़ाम क्लियर करने के लिए पांच लाख रुपये में डील करने वाले यह चारों बिहार और राजस्थान के मेडिकल संस्थानों के छात्र हैं। डीएवी पूर्णिया से गिरफ्तार नीतीश कुमार ने बताया कि वह भोजपुर जिले का रहने वाला है। नीट क्लियर करने के पांच लाख रुपए में सौदा हुआ था। आरोपियो से पूछताछ कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कर्रवाई की जा रही है।












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