ओडिशा में सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या कम करने के लिए सरकार ने शुरू किया खास अभियान
भुवनेश्वर, 08 अगस्त। ओडिशा में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है, यही वजह है कि ओडिशा का परिवहन विभाग और डॉयरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इस खाई को पाटने के लिए गैप एनालिसिस प्रोग्राम की शुरुआत करने जा रहा है। वर्ष 2021-22 के आंकड़ों के अनुसार देश में प्रति 100 सड़क हादसों में 33 व्यक्तियों की मौत हो जाती है, जबकि ओडिशा में प्रति 100 व्यक्तियों में से 48 लोगों की मौत हो जाती है। लिहाजा इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि ओडिशा में मृत्यु की दर राष्ट्रीय दर से काफी अधिक है।

लोगों के बीच में इस बात की जानकारी नहीं है कि हादसे के बाद कैसे घायल व्यक्ति को फर्स्ट एड मुहैया कराई जाए, हादसे के बाद वहां से गुजरने वाले लोग घायल की मदद करने से कतराते हैं, ट्रामा केयर सेंटर में सुविधाओं की कमी की वजह से भी लोगों की जान जाती है। यही वजह है कि परिवहन विभाग ने ट्रामा सेंटर का एक सर्वे कराया है। परिवहन विभाग और डीएमईडी के अधिकारी साझा तौर पर इन ट्रामा सेंटर का दौरा कर रहे हं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 60-70 फीसदी सड़क हादसे में घायलों की जान बचाई जा सकती है, अगर उन्हें समय पर ट्रामा सेंटर में इलाज मुहैया कराया जाए। प्रदेश में 33 ट्रामा सेंटर हैं, अधिकतर जिला मुख्यालय के कार्यालय में हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ ट्रामा सेंटर की हालत को बेहतर किया जा रहा है ताकि वह सड़क हादसे में घायल मरीजों का तेजी से इलाज कर सके।












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