कोरोना के बावजूद, खनन क्षेत्र में गति बनी रही- ओडिशा मंत्री प्रफुल्ल कुमार मलिक
ओडिशा के इस्पात और खान मंत्री प्रफुल्ल कुमार मलिक ने आज इस्पात और खान विभाग, ओडिशा सरकार और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) द्वारा आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में खनन और धातु क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा की।
भुवनेश्वर, 19 अगस्त। ओडिशा के इस्पात और खान मंत्री प्रफुल्ल कुमार मलिक ने आज इस्पात और खान विभाग, ओडिशा सरकार और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) द्वारा आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में खनन और धातु क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा की। 'नेशनल मेटल एंड माइनिंग ई-शिखर 2021' में इस क्षेत्र के विभिन्न विशेषज्ञों और खिलाड़ियों ने विचार-विमर्श किया।

हितधारकों के साथ चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पहल के कारण कोरोना काल में भी इस क्षेत्र में गति बनी रही। उन्होंने कहा कि ओडिशा पूरे देश में अपने समृद्ध खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है। हालांकि कोरोना के शुरुआती चरणों में इस क्षेत्र में मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन सरकार की पहल ने इस क्षेत्र को पटरी पर रखने में मदद की। हम इस दौरान खानों की नीलामी करने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि इस बीच केंद्रीय स्तर पर एमएमडीआर अधिनियम में कुछ संशोधन देखे गए, जिससे इस क्षेत्र में काम लगातार बिना किसी रुकावट के जारी रहा।
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राज्य के खान निदेशक देबिदत्त बिस्वाल ने दावा किया कि खनन से संबंधित कई कार्यों का डिजिटलीकरण करने से कोरोना काल में भी इस क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिली। इस अवसर पर देबिदत्त बिस्वाल ने कहा कि ओडिशा भारत के उन कुछ राज्यों में से एक था, जहां ऑनलाइन खनिज निगरानी प्रणाली थी। हमने इस क्षेत्र की परेशानी मुक्त आवाजाही और व्यवसाय सुनिश्चित करने के लिए महामारी के दौरान ई-पास भी जारी किए। इस क्षेत्र को कई ऑनलाइन लाइसेंस देने से भी मानव संपर्क में कमी आई है। नीलामी की गई 24 खानों में से 19 में उत्पादन भी शुरू हो गया है।












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