युवा, शिक्षा और प्रतिभा: कैसे नवीन पटनायक चुनावी सफलता के लिए आवश्यक शर्तें फिर से लिखने का प्रयास कर रहे हैं
भुवनेश्वर: ओडिशा एक बार फिर से कमाल करते हुए नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (BJD) ने इतिहास रच दिया है। बीजद ने ओडिशा के सभी 30 जिलों में जिला परिषदों का गठन करके इतिहास रचा, जिसमें इन पंचायती राज संस्थाओं की 70 प्रतिशत अध्यक्ष महिलाएं हैं। पार्टी सांसद पिनाकी मिश्रा ने रविवार को कहा, 'पार्टी की अभूतपूर्व जीत' मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में मतदाताओं के अटूट विश्वास का परिणाम है।

ओडिशा के जिला परिषद चुनावों में बीजेडी ने शानदार जीत हासिल करते हुए सभी 30 जिलों में विजय का परचम लहराया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा के इतिहास में और संभवत पूरे देश में पहली बार किसी एक पार्टी ने किसी राज्य के सभी जिलों में जिला परिषद का गठन किया है। यहां सबसे खास बात यह है कि जिला परिषद अध्यक्षों में से 70 फीसदी महिलाएं हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवा, शिक्षित और प्रतिभाशाली पार्टी कार्यकर्ताओं को जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में चुना है।
जिला परिषद अध्यक्षों की औसत आयु 41 वर्ष है। 23 वर्षीय सरस्वती मांझी को सबसे युवा जिला परिषद अध्यक्ष चुना गया है। बीएससी स्नातक मांझी अब रायगडा जिले में विकास गतिविधियों की अगुवाई करेंगी। ऐसे ही दूरस्थ क्षेत्रों पर ध्यान रखते हुए सीएम नवीन पटनायक ने सामरी तांगुल को स्वाभिमान आंचल मलकानगिरी में जिला परिषद अध्यक्ष चुना गया है। वह 26 साल की हैं और उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की हैं।
इसी तरह सरस्वती मांझी भी सुदूर काशीपुर प्रखंड की रहने वाली हैं। संबलपुर जिले की कुमुदिनी नायक सुदूर बमरा प्रखंड की रहने वाली हैं। 21 महिलाओं को जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में चुना गया है, जो कुल सीटों का 70 प्रतिशत है, जबकि राज्य में महिलाओं के 50 फीसदी सीटें आरक्षित हैं।
मयूरभंज, गंजम, क्योंझर, सुंदरगढ़, बोलांगीर, संबलपुर और अविभाजित कोरापुट के जिलों (नवरंगपुर को छोड़कर) के बड़े जिले महिला जिला परिषद अध्यक्षों की अध्यक्षता में हैं। 18 अनारक्षित सीटों (महिलाओं सहित) में 12 ओबीसी उम्मीदवारों (67 प्रतिशत) को जिला परिषद अध्यक्ष बनाया गया है। अपने ही गृह जिले गंजम में नवीन पटनायक ने एक ओबीसी महिला उम्मीदवार को जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में चुना है।
30 जिलों में से 15 (50 प्रतिशत) में 40 वर्ष से कम आयु के जिला परिषद अध्यक्ष हैं और 30 जिलों में से 23 (76 प्रतिशत) के पास 50 वर्ष से कम आयु के परिषद अध्यक्ष हैं।बीजद नेताओं ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों के पास अपेक्षाकृत "उच्च शैक्षणिक योग्यता" है, जिसमें 18 जिला परिषद अध्यक्षों ने स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और उनमें से 26 ने कम से कम 12 स्तर की शिक्षा पूरी की है। बता दें कि बीजद ने पिछले महीने 16 फरवरी, 18 फरवरी, 20 फरवरी, 22 फरवरी और 24 फरवरी को पांच चरणों में हुई 852 सीटों में से 766 सीटें जीतकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में शानदार जीत दर्ज की थी।












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