भोपाल में 'I Love Mahadev' बैनरों का अनोखा प्रदर्शन, जाग्रत हिंदू मंच की पहल, डॉ दुर्गेश केसवानी का तीखा बयान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में धार्मिक आस्था का अनोखा रंग देखने को मिला। शीतल दास की बगिया में शनिवार को जाग्रत हिंदू मंच ने 'I Love Mahadev' लिखे बड़े-बड़े बैनर लगाकर भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति का खुला प्रदर्शन किया। यह आयोजन न सिर्फ हिंदू समुदाय में उत्साह लेकर आया, बल्कि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक स्वतंत्रता पर एक सशक्त संदेश भी दिया।
मंच के संरक्षक और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ दुर्गेश केसवानी ने इस मौके पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि महाकाल पूरी दुनिया की आस्था का केंद्र हैं, और इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गंगा-जमुनी तहजीब का हवाला देते हुए हर धर्म को अपनी आस्था व्यक्त करने का अधिकार बताया, लेकिन पत्थरबाजों, थूकबाजों और जिहादियों पर निशाना साधा।

शीतल दास की बगिया में भक्ति का सैलाब: बैनरों से सजा शहर का दिल
शनिवार दोपहर को शीतल दास की बगिया, जो भोपाल का एक प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल है, हिंदू भक्तों की भारी भीड़ से गूंज उठा। जाग्रत हिंदू मंच के कार्यकर्ताओं ने रंग-बिरंगे बैनर लगाए, जिन पर बड़े अक्षरों में 'I Love Mahadev' लिखा था। साथ ही, भगवान शिव के चित्र, महाकाल मंदिर के फोटो और ज्योतिर्लिंगों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गईं। आयोजन में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिन्होंने भजन-कीर्तन गाए और महाकाल के जयकारे लगाए। मंच के सदस्यों ने बताया कि यह कैंपेन भगवान शिव की महिमा को युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास है, जो आधुनिक तरीके से आस्था को व्यक्त करता है।
स्थानीय निवासियों का कहना था कि यह प्रदर्शन शहर की सांस्कृतिक विविधता को मजबूत करता है। एक युवा कार्यकर्ता ने कहा, "आज के दौर में सोशल मीडिया और इंग्लिश स्लोगन से हमारी परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ना जरूरी है। 'I Love Mahadev' सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि हिंदू संस्कृति का प्रतीक है।" आयोजन शांतिपूर्ण रहा, और स्थानीय पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। यह घटना भोपाल की उस छवि को मजबूत करती है, जहां विभिन्न धर्मों के लोग सद्भाव से रहते हैं।
डॉ दुर्गेश केसवानी का धारदार बयान: "महाकाल देवों के देव, कालों के काल"
आयोजन के मुख्य अतिथि और जाग्रत हिंदू मंच के संरक्षक डॉ. दुर्गेश केसवानी ने मंच से अपने संबोधन में महाकाल की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा, "महाकाल सिर्फ उज्जैन या मध्य प्रदेश के नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की आस्था के केंद्र हैं। महाकाल देवों के देव और कालों के काल हैं, सृष्टि का संचालन महाकाल ही करते हैं। मध्य प्रदेश को यह सौभाग्य प्राप्त है कि यहां महाकाल और ओंकारेश्वर जैसे ज्योतिर्लिंग हैं।" डॉ. केसवानी ने जोर देकर कहा कि यदि कोई अपने ईष्ट को पूजता है और उनके बैनर लगाता है, तो इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश से शुरू होकर भोपाल तक पहुंचा 'I Love Mohammad' कैंपेन, जिसमें 2 हजार से अधिक वाहनों पर स्टिकर लगाए गए, एक स्वागतयोग्य कदम है। लेकिन उन्होंने साफ किया कि आस्था व्यक्त करने का अधिकार सबको है, बशर्ते यह दूसरों की भावनाओं को ठेस न पहुंचाए। डॉ. केसवानी ने कहा, "हम किसी धर्म के प्रति नफरत नहीं रखते, लेकिन जो लोग हमारी आस्था पर हमला करते हैं, उनके खिलाफ सख्ती जरूरी है।"
गंगा-जमुनी तहजीब पर जोर: "हर धर्म को आस्था व्यक्त करने का हक"
डॉ. केसवानी ने भारत की सांस्कृतिक विविधता पर प्रकाश डालते हुए कहा, "भारत विविधता में एकता का प्रतीक है। यह देश गंगा-जमुनी तहजीब का देश है। अगर दूसरे धर्मों के लोग अपने धार्मिक पोस्टर और बैनर लगाते हैं, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। हर धर्म को मानने वालों को अपनी आस्था व्यक्त करने का अधिकार है।" उन्होंने उदाहरण दिया कि ताजुल मस्जिद के बाहर चल रहे 'I Love Mohammad' कैंपेन को वे समर्थन देते हैं, क्योंकि यह शांतिपूर्ण है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह आस्था का दुरुपयोग होकर नफरत फैलाने का माध्यम बने, तो समाज इसका विरोध करेगा।
यह बयान भोपाल की उस परंपरा को मजबूत करता है, जहां हिंदू-मुस्लिम सद्भाव की मिसालें आम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं, खासकर जब सोशल मीडिया पर धार्मिक विवाद तेज हो रहे हों।
पत्थरबाजों और जिहादियों पर सीधी चेतावनी: "नफरत फैलाने वालों को बर्दाश्त नहीं"
डॉ केसवानी ने अपने बयान का सबसे तीखा हिस्सा पत्थरबाजों और जिहादियों पर केंद्रित किया। उन्होंने कहा, "आपत्ति केवल उन लोगों से है जो धार्मिक आयोजनों पर हमला करते हैं। दुर्गा जी के जुलूस या हनुमान जी के जुलूस पर पथराव करने वालों से हमें आपत्ति है। हमें थूकबाजों और पत्थरबाजों से दिक्कत है, जो समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं।" उन्होंने लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सामाजिक सौहार्द को तोड़ने का काम करती हैं और इन्हें किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह बयान हाल के घटनाक्रमों से प्रेरित लगता है, जहां कुछ जगहों पर धार्मिक जुलूसों पर हमले की खबरें आई हैं। डॉ. केसवानी ने युवाओं से अपील की कि वे सनातन धर्म की रक्षा के लिए सक्रिय हों, लेकिन हिंसा का सहारा न लें। जाग्रत हिंदू मंच के अन्य सदस्यों ने भी सहमति जताई और कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे।
मोहन सरकार पर भरोसा: "सख्त कार्रवाई का वादा"
आयोजन के अंत में जाग्रत हिंदू मंच ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर विश्वास जताया। मंच ने कहा, "मध्य प्रदेश सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि समाज में सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। मोहन सरकार इस तरह के तत्वों पर कठोर कार्रवाई करेगी।" डॉ. केसवानी ने कहा कि भाजपा सरकार धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, और हाल के कानूनों जैसे लव जिहाद विरोधी विधेयक इसका प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से भी इस आयोजन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया आई, जहां एक अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार सद्भाव बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है।












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