MP News: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का भाजपा की मोहन यादव सरकार पर भ्रष्टाचार और घोटालों का बड़ा आरोप
Bhopal News: मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार के एक साल के कार्यकाल पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी पार्टी और सरकार के भीतर ही उलझे हुए हैं, और उनके नेतृत्व में प्रदेश के विकास की दिशा कहीं भी नहीं दिख रही।
सिंघार ने कहा, "मुख्यमंत्री जी जिस नाव में बैठे हैं, उसमें छेद हो चुका है। अब वह 'मौन यादव' बन गए हैं, जो कुछ बोलते नहीं हैं।"

विदेश यात्रा और राज्य की हालत पर सवाल
सिंघार ने मुख्यमंत्री की हाल की विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, "मोहन यादव लंदन गए थे, और ऐसा लग रहा था कि वे प्रदेश के लिए भीख मांगने गए हैं। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने अमेरिका की यात्रा के दौरान सड़कों को अच्छा बताया, लेकिन मोहन यादव ने लंदन में डायनासोर के अंडे पसंद किए। यह है हमारे मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण।" उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की जनता विकास की उम्मीद कर रही है, तब सरकार केवल कर्ज और वित्तीय दबाव की बात कर रही है।
निवेश और विकास की नाकामी
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले 20-22 वर्षों में राज्य में कई निवेशकों की बैठकें (इन्वेस्टर्स मीट) हुईं, लेकिन उन बैठकों का वास्तविक असर प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर नहीं पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या इन बैठकों से एमओयू हुए? क्या प्रदेश में कोई उद्योग या फैक्ट्री स्थापित हुईं?" सिंघार ने कहा कि यदि आर्थिक विकास होता तो प्रदेश को बार-बार कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
लाडली बहन योजना और अन्य वादे
सिंघार ने लाडली बहन योजना और किसानों के लिए किए गए वादों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने वादा किया था कि लाडली बहनों को तीन हजार रुपये मिलेंगे, लेकिन अब तक वह वादा पूरा नहीं हुआ। इसके अलावा, धान के मूल्य के बारे में भी उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 3100 रुपये में धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन अब वह मूल्य भी नहीं मिला।
कर्ज की नीति पर सवाल
सिंघार ने कहा कि सरकार ने 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, लेकिन इसके बावजूद कोई विकासात्मक कार्य नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया, "अगर कर्ज लिया गया है तो क्या इसका उपयोग किसानों की मदद के लिए किया गया? क्या प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए इसका सही इस्तेमाल हुआ? नहीं, सरकार केवल कर्ज लेकर कर्ज चुकाती जा रही है।"
कर्मचारी ट्रांसफर और घोटाले
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचार और ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 'ट्रांसफर फैक्ट्री' चल रही है, जहां दिन-रात तबादले हो रहे हैं और अधिकारी दलाली कर रहे हैं। सिंघार ने खास तौर पर कई अधिकारियों के बार-बार तबादले होने का उदाहरण दिया और सरकार से पूछा कि क्या मोहन यादव को इन अधिकारियों की कार्यशैली की जानकारी नहीं है या वे जानबूझकर घोटाले को बढ़ावा दे रहे हैं।
प्रदेश में बढ़ते अपराध और शराब की समस्या
सिंघार ने उज्जैन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में महिला अपराध, आर्थिक अपराध और शराब की बिक्री सबसे अधिक हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के बाहर गुजरात में शराब जा रही है और यह चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलीराजपुर और झाबुआ में भी इतने लोग नहीं रहते जितनी शराब बिक रही है, और कागज पर आदिवासी शराब पीने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इंदौर के मास्टर प्लान पर सवाल
सिंघार ने इंदौर के कैलाश जी के मास्टर प्लान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मास्टर प्लान पर काम अटका हुआ है और निजी कंपनियों को जमीनें बेची जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इंदौर में अवैध कॉलोनियों को मंजूरी दी जा रही हैं और शहर को दिल्ली के बाद दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बनाने की तैयारी हो रही है।
विभागीय घोटाले और भ्रष्टाचार की ओर इशारा
सिंघार ने प्रदेश में हो रहे विभिन्न विभागीय घोटालों का जिक्र किया। उन्होंने सड़क निर्माण के टेंडरों में घोटाले, शिक्षा विभाग में किताबों की छपाई में घोटाले, स्वास्थ्य विभाग में कोविड के दौरान उपकरण खरीदी में घोटाले और जल जीवन मिशन में घोटालों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन घोटालों से सरकार का भ्रष्टाचार साफ नजर आता है। सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि लैब टेस्टिंग के नाम पर कंपनी को 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है।
विधानसभा घेराव की घोषणा
उमंग सिंघार ने 16 दिसंबर को विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस घेराव के माध्यम से सरकार से जवाब मांगेंगी और लोगों को उनके अधिकार दिलाने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाएंगे।












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