Bhopal उत्तर विधानसभा में Congress के टिकट का बढ़ा टेंशन, किसकी चलेगी कमलनाथ या दिग्विजय सिंह?
Bhopal North seat: कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली राजधानी भोपाल की उत्तर विधानसभा सीट इन दिनों खासी चर्चा में है। इस सीट से छह बार एक तरफा जीत हासिल करने वाले कांग्रेस के वर्तमान बाहुबली विधायक आरिफ अकील ने अपने स्वास्थ्य को लेकर चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा पार्टी के आला नेताओ से जताते हुए अपने बेटे आतिफ अक़ील को टिकट दिये जाने की मांग की है।
इसका आरिफ अकील के छोटे भाई आमिर अकील ने ही खुलकर विरोध करते हुए अपनी दावेदारी पेश की है। वहीं दिग्विजय सिंह के नजदीकी माने जाने वाले नासिर इस्लाम भी पूरी तहर विधायक का चुनाव लड़ने की तैयारी में है। टिकट मिलने के पूरे भरोसे के साथ तीनों नेता इन दिनो अपनी जमीनी पकड़ मजबूत बनाने में जुटे हैं।

कई सालों से विधायक आरिफ अकील के सारे राजनीतिक कामकाज संभालने वाले उनके भाई अमीर अक़ील क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। इन दिनों वो आम जनता के लगातार संपर्क में हैं, और रोजाना ही किसी न किसी समारोह में शामिल होकर लोगों से घिरे हुए नजर आ रहे हैं। कई क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां के निवासी उन्हें बुलाकर चुनाव लड़ने की तैयारी का कहते हुए हर घड़ी साथ निभाने का वादा कर रहे हैं। उनके भतीजे और विधायक आरिफ अकील के बेटे आतिफ अकील भी लगातार मीटिंगों का आयोजन कर कार्यकर्ताओ को अपनी तरफ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। टिकट की उम्मीद में दिग्विजय सिंह के करीबी नासिर इस्लाम भी पार्टी नेताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं, और बीते काफी दिनों से भाजपा सरकार के खिलाफ रैली निकाल कर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
पशोपेश में कांग्रेसी नेता
टिकट विवाद को लेकर बनते बिगड़ते समीकरण के बीच एमपी में चुनाव की कमान संभालने वाले कॉग्रेस के दोनों सीनीयर लीडर और पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी उलझन में हैं। अंदरुनी सूत्रों की मानी जाए तो दिग्विजय की राय है कि आरिफ अकील भाई-बेटे के विवाद को सुलझा ले, उसके बाद उनके कहने पर बेटे या भाई को पार्टी टिकट दे सकती है। इसके उलट हर सीट से जिताऊ उम्मीदवार को टिकट देने की बात कहने वाले कमलनाथ का जोर इस बात पर है, कि इस सीट से चुनाव आरिफ अकील ही लड़े। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की अलग-अलग राय के चलते कार्यकर्ता भी उलझन में है। क्योकि इस सीट के लिए बनाई गई उम्मीदवारों की पैनल में आरिफ अकील और नासिर इस्लाम का नाम शामिल है।
आगामी दिनों में आचार संहिता की घोषणा होने वाली है, ऐसे में कार्यकर्ताओं का मानना है की पार्टी यदि नए चेहरे को विधायक का टिकट देती है, तो सर्मथको के साथ ही नए उम्मीदवार को प्रचार के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा, जबकि विरोधी पार्टी भाजपा के घोषित उम्मीदवार आलोक शर्मा लगातार लोगो से संपर्क बनाकर अपनी तैयारी में जुटे हुए है।
उत्तर सीट का क्या होगा उत्तर?
इस सीट से यदि आरिफ अकील चुनाव नहीं लड़े, तो कांग्रेस को जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। क्योंकि भाजपा के आलोक शर्मा के साथ ही इस सीट से आम आदमी पार्टी ने पूर्व पार्षद मोहम्मद सऊद को मैदान में उतारा है, जिससे कॉग्रेंस का मुस्लिम वोट बैंकं प्रभावित हो सकता है। डर यह भी है, कि कांग्रेस ने यदि नए चेहरे को टिकट दिया तो संभवत एक-दो बागी उम्मीदवार चूनाव मैदान में आकर कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी कर सकते है। इसके साथ ही कांग्रेस के कई पूर्व पार्षद भी नगर निगम चुनाव में टिकट न मिलने के कारण विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाने की तैयारी में है। यह चर्चा जोरों पर है, कि पार्टी सर्वे में उत्तर विधानसभा सीट को लेकर मिली फीडबैक के बाद कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह को साफ तौर से इशारा कर दिया है, कि इस सीट से सक्रिय नेताओं के साथ बैठक करने के बाद ही कोई फैसला लिया जायेगा।












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