Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

शिवपुरी में पहाड़ गायब! अवैध खनन का महाघोटाला, 54 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्माना, BJP नेता और भाइयों पर गिरी गाज

MP News shivpuri: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन से लेकर राजनीति तक में हलचल मचा दी है। करैरा क्षेत्र में अवैध खनन के जरिए एक पूरा पहाड़ समतल कर दिए जाने का खुलासा हुआ है।

इस मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष, उनके भाई पूर्व मंडी उपाध्यक्ष राजेश गोयल और व्यापारी भाई भावेश गोयल पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच के बाद खनन विभाग ने तीनों पर 54 करोड़ 58 लाख रुपये का रिकॉर्ड जुर्माना ठोक दिया है। यह राशि मध्य प्रदेश में अवैध खनन के मामलों में अब तक की सबसे बड़ी पेनल्टी मानी जा रही है।

shivpuri illegalmining bjp mandal president 54 crore fine mp news

शिकायत से खुलासा तक: कैसे खुली पहाड़ गायब होने की परतें

यह मामला करैरा थाना क्षेत्र के एक गांव के पास स्थित पहाड़ी इलाके का है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत की थी कि लंबे समय से पहाड़ी पर जेसीबी और पोकलेन मशीनें दिन-रात चल रही हैं। शुरू में शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन जब पहाड़ का बड़ा हिस्सा समतल हो गया, तब प्रशासन हरकत में आया।

जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो अधिकारी भी हैरान रह गए। जहां कभी ऊंची पहाड़ी थी, वहां अब मैदान जैसा दृश्य नजर आ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि महीनों तक लगातार खनन हुआ और गिट्टी व मुरुम बाहर भेजी जाती रही।

एक ग्रामीण ने बताया, "पहले यहां पहाड़ था, अब सिर्फ धूल और गड्ढे बचे हैं। हमने कई बार शिकायत की, लेकिन असर अब जाकर दिखा।"

बिना अनुमति चला खनन, पर्यावरण को भारी नुकसान

जांच में सामने आया कि खनन के लिए न तो कोई वैध लाइसेंस था और न ही पर्यावरणीय स्वीकृति। नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर खनन किया गया, जिससे-

  • जंगल और प्राकृतिक हरियाली को नुकसान
  • जल स्रोतों पर प्रतिकूल असर
  • पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा
  • शासन को भारी राजस्व हानि

रिकॉर्ड जुर्माना: 54 करोड़ 58 लाख रुपये

खनन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक:

  • अवैध खनन की मात्रा: लाखों टन गिट्टी और मुरुम
  • आकलित नुकसान: पर्यावरणीय क्षति + राजस्व नुकसान
  • कुल जुर्माना: 54 करोड़ 58 लाख रुपये
  • जिम्मेदारी: तीनों भाइयों पर संयुक्त रूप से

खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह मध्य प्रदेश में अवैध खनन पर लगाया गया अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है। इससे साफ संदेश जाएगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।"

राजनीतिक हलकों में खामोशी, आरोपियों का पक्ष नहीं

मामले में नाम आने के बाद भी भाजपा मंडल अध्यक्ष और उनके भाइयों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी स्तर पर भी फिलहाल चुप्पी साधी गई है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि आरोपी पक्ष जुर्माने के खिलाफ अपील की तैयारी में है।

प्रशासन सख्त: नहीं चुकाया जुर्माना तो कुर्की

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर तय समयसीमा में जुर्माना नहीं चुकाया गया, तो- आरोपियों की संपत्तियों की कुर्की, बैंक खातों पर कार्रवाई, आगे आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकता है। एसडीएम ने दो टूक कहा, "कानून सबके लिए बराबर है। पद या राजनीतिक पहचान के आधार पर किसी को छूट नहीं मिलेगी।"

अवैध खनन पर बड़ा सवाल

इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि-

  • इतने बड़े पैमाने पर खनन कब और कैसे चलता रहा?
  • स्थानीय स्तर पर निगरानी क्यों नाकाम रही?
  • क्या राजनीतिक रसूख ने कार्रवाई में देरी कराई?

शिवपुरी का यह मामला न सिर्फ अवैध खनन की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट किस हद तक पहुंच चुकी है। अब देखना होगा कि यह रिकॉर्ड जुर्माना सिर्फ कागजों तक सीमित रहता है या वास्तव में दोषियों पर ठोस कार्रवाई होती है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+