दिनदहाड़े खेत में दिखा तेंदुआ, सीहोर के चंदेरी–ताकीपुर–पिपलिया मीरा में दहशत, रात में खेत जाने से डरे किसान

सीहोर जिले के ग्रामीण अंचल में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। ताजा मामला ग्राम चंदेरी का है, जहां रविवार को दिनदहाड़े करीब 4 बजे मुकेश कुशवाहा के खेत के सामने तेंदुआ दिखाई दिया।

अचानक खेतों के पास तेंदुआ नजर आने से हड़कंप मच गया। मुकेश कुशवाहा के परिजनों और आसपास के ताकीपुर गांव के ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग निकला।

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पहले भी मिल चुके हैं तेंदुए के सबूत

यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी किसान व समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा द्वारा ग्राम चंदेरी में रात्रि के समय तेंदुआ देखे जाने की जानकारी सार्वजनिक की गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले दो से चार दिनों के दौरान कई बार रात में तेंदुआ देखा गया है। खेतों और गांव की पगडंडियों पर तेंदुए के पैरों के निशान भी मिले हैं, जिससे ग्रामीणों की आशंका और गहरी हो गई है।

वन विभाग पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए की सूचना बार-बार दिए जाने के बावजूद वन विभाग द्वारा मौके पर न तो निगरानी की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने बताया कि एक-दो बार वन विभाग के अधिकारियों को फोन भी किया गया, लेकिन फोन तक रिसीव नहीं किए गए। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और भय दोनों बढ़ गए हैं।

रात में खेत जाना हुआ मुश्किल, फसलें हो रहीं प्रभावित

तेंदुए की मौजूदगी का सीधा असर किसानों की खेती पर पड़ रहा है। ग्राम चंदेरी, ताकीपुर और पिपलिया मीरा के किसान रात्रि के समय अपनी गेहूं की फसल में पानी देने खेतों तक जाने से डर रहे हैं। किसानों का कहना है कि तेंदुए के डर से कोई भी व्यक्ति अकेले या समूह में भी रात में खेत जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसल नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने की कार्रवाई की मांग

किसान व समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने शासन-प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को जल्द से जल्द ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए या पिंजरा लगाकर उसे पकड़ा जाए, ताकि ग्रामीण राहत की सांस ले सकें। मेवाड़ा का कहना है कि कई दिनों से मामला चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

DFO से हुई बात, रेंजर भेजने का आश्वासन

इस पूरे मामले को लेकर एमएस मेवाड़ा ने दूरभाष पर सीहोर वन विभाग की डीएफओ से बातचीत कर स्थिति से अवगत कराया। बातचीत के दौरान डीएफओ ने आश्वासन दिया कि वे क्षेत्रीय रेंजर को मौके पर भेजकर स्थिति की जांच करवाएंगी और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग - सुरक्षा हो प्राथमिकता

फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग तत्काल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए, पिंजरा लगाए और रात्रि गश्त शुरू करे, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके। दिनदहाड़े तेंदुए की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि खतरा अब केवल रात तक सीमित नहीं रहा।

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