Bhopal News: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर भोपाल में रन फॉर यूनिटी का आयोजन, धारा 370 का जिक्र
Bhopal News: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती के अवसर पर भोपाल में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस खास मौके पर "रन फॉर यूनिटी" कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत की। यह कार्यक्रम टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, खेल मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव अनुराग जैन, और डीजीपी सुधीर सक्सेना जैसे कई महत्वपूर्ण नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल एकता और अखंडता के संदेश से भरा रहा, जो सरदार पटेल की प्रेरणा से प्रेरित था।

सीएम का संबोधन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, "आज धन्वंतरि जयंती है, और यह दिन बेहद सुखद है।" उन्होंने सरदार पटेल की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, "अंग्रेजों ने 14 अगस्त को पाकिस्तान को अलग कर दिया था, जिसका अर्थ था कि रियासतें अलग हो जाएंगी और देश में गृह युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लेकिन सरदार पटेल ने अपनी बुद्धि और युक्ति से दो साल से कम समय में सारी रियासतों को एक कर इस देश को जो स्वरूप दिया है, वह अविस्मरणीय है।"
सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व को समाज में पुनर्स्थापित करने के लिए "रन फॉर यूनिटी" कार्यक्रम की पहल की।

वीडी शर्मा ने सरदार पटेल की जयंती पर की धारा 370 का जिक्र
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित "रन फॉर यूनिटी" कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने कहा, "सरदार पटेल ने देश को एक सूत में बांधा। आजादी के बाद जम्मू-कश्मीर में धारा 370 एक टीस थी, जो सबके मन में थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे हटाकर संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का काम किया। आज सरदार पटेल की जयंती पर पूरा देश दौड़ रहा है।"

इतिहास का स्मरण
कार्यक्रम में खेल मंत्री विश्वास सारंग ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "इतिहास इस बात का गवाह है कि हजारों कुर्बानियों के बाद भारत आजाद हुआ। यह आजादी अंग्रेजों ने चांदी की तश्तरी में नहीं दी थी; हजारों क्रांतिकारियों ने अपनी जान दी। आजादी मिलने के बाद, अनेक रियासतें थीं जिनका विचार देश में मिलने में भिन्नता का था।"
सारंग ने सरदार पटेल को "लौह पुरुष" के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा, "उन्होंने 500 से ज्यादा रियासतों को हिंदुस्तान में मिलाने का काम किया। उनका नाम था सरदार वल्लभ भाई पटेल।"












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