AIIMS Bhopal: MRI, सीटी स्कैन और सोनोग्राफी की जांच के लिए वेटिंग से मरीज परेशान, जल्द होगी नई व्यवस्था
Bhopal AIIMS News: राजधानी भोपाल के एम्स में अभी MRI व सीटी स्कैन की एक-एक मशीन मौजूद है। एम्स के डैशबोर्ड पर मौजूद जानकारी के अनुसार आज 77 मरीजों की सीटी स्कैन जांच की रिक्वेस्ट आई। वहीं 66 लोगों की जांच हुई। इसी तरह MRI के लिए 22 मरीजों की रिक्वेस्ट आई और जांच सिर्फ 18 की हो सकी इसके चलते हर दिन 15 से 20 फ़ीसदी लोग जांच के लिए ज्यादा आते हैं वर्तमान में MRI या सीटी स्कैन कराने के लिए मरीजों को लंबी वेटिंग करनी पड़ती है, इस कारण मरीज परेशान है।
ऐसे में मेडिकल लैब व मेडिकल इमेजिंग सर्विस को आउट सोर्स मोड पर संचालित करने जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय सरकार की एजेंसी एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड पार्टनर के रूप में काम करेगी। इसके जरिए जांच की लंबी वेटिंग को कम करने की योजना है।

भोपाल एम्स प्रबंधन के अनुसार इस पार्टनरशिप की खास बात यह है कि जिससे वर्तमान में संस्थान में हो रही जांच प्रभावित नहीं होंगी सिर्फ अतिरिक्त जांचों के लिए इस नई व्यवस्था का इस्तेमाल होगा। जिससे संस्थान में अस्पताल की क्षमता को बढ़ाया जा सके। बता दे अभी सिर्फ मरीजों को सीटी स्कैन और MRI के लिए ही नहीं, बल्कि ब्लड सैंपल की जांच के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा सोनोग्राफी के लिए लंबी-लंबी वेटिंग दी जाती है, जिससे गर्भवती महिलाएं खासा प्रभावित होती है।
एम्स के निदेशक डॉ अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एम्स ने प्राइवेट पार्टनरशिप के साथ मिलकर 24×7 जांच की सुविधा को शुरू कर रहा है। जिससे MRI बस सिटी स्किन जैसी जांचों की बैटिंग को कम किया जा सके। साथ ही इस व्यवस्था से मरीजों पर किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा।
मेडिकल लीव आउट सोर्स होने से यह होंगे फायदे
अतिरिक्त मशीनों को सुधर वाने और जरूरी रिएजेंट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। मरीजों को लंबी वेटिंग का सामना नहीं करना होगा। एजेंसी, जो जांच करेगी वह सभी राज्य व केंद्र सरकार की हेल्थ स्कीम में खबर होगी। इमरजेंसी के दौरान हर तरह की जांच की 24 घंटे व्यवस्था होगी अभी काम करने वाले कर्मचारी और जांच की व्यवस्था इसी तरह चलती रहेगी।












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