Bhopal News: भोपाल की शराब दुकानों में खुला ‘लूट तंत्र’, MRP से अधिक दाम, बिल नहीं, जवाब में धमकी!

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी में शराब की दुकानों पर ग्राहक अब न सिर्फ लुट रहे हैं, बल्कि आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया भी जा रहा है। यह महज एक-दो दुकानों की बात नहीं, बल्कि पूरे राज्य में फैले उस संगठित भ्रष्टाचार की कहानी है, जिसमें जनता से MRP से अधिक कीमत वसूल कर शराब बेची जा रही है।

वन इंडिया हिंदी की टीम ने जब इस पर ग्राउंड रिपोर्टिंग की, तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था।

Open Robbery in Bhopal liquor shops beer being sold in MP at more than MRP no bill

गोविंदपुरा में खुलेआम 'शराब घोटाला'

राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया की एक शराब दुकान पर हमारे संवाददाता पहुंचे। यहाँ किंगफिशर अल्ट्रा बीयर की एक केन की अधिकतम कीमत ₹180 लिखी हुई थी, लेकिन दुकानदार ने इसे ₹250 में देने की ज़िद की। जब बिल मांगा गया, तो साफ इंकार कर दिया गया और उल्टा यह कहा गया - "पैसे वापस ले लो, बीयर नहीं मिलेगी। शिकायत करनी है तो कर लो।"

बिल नहीं, जवाब में अपमान

यह स्थिति बताती है कि शराब दुकानों पर ग्राहकों के अधिकारों की न केवल धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं, बल्कि प्रशासन की नाक के नीचे लूट का ये खेल निर्भीकता से जारी है। न कोई रसीद, न कीमतों का खुला प्रदर्शन, और अगर ग्राहक सवाल पूछे तो जवाब में धौंस और बदसलूकी।

शराब दुकानों में क्यों नहीं चस्पा हो रहीं रेट लिस्ट?

आबकारी आयुक्त ने 1 अप्रैल 2025 से सभी शराब दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा करने का सख्त आदेश दिया था। लेकिन दो महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी गोविंदपुरा जैसी जगहों पर न रेट लिस्ट है, न मूल्य नियंत्रण। सवाल उठता है कि क्या यह आदेश केवल कागज़ी था?

Open Robbery in Bhopal liquor shops beer being sold in MP at more than MRP no bill

Bhopal liquor shops: राजधानी में ऐसा हाल, तो बाकी जिलों का क्या?

अगर राजधानी में खुलेआम जनता को ठगा जा रहा है और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है, तो प्रदेश के दूरदराज जिलों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। जबलपुर कलेक्टर ने जरूर कुछ दुकानों पर कार्रवाई की है, लेकिन वह भी पूरे तंत्र को ठीक करने के लिए नाकाफी है।

राजनीतिक संरक्षण और माफिया गठजोड़

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पहले ही आरोप लगाया था कि यह खेल बिना राजनीतिक संरक्षण और अफसरों की मिलीभगत के संभव नहीं है। जब सिस्टम ही लूट का हिस्सा बन जाए, तो फिर आम जनता की सुनवाई कौन करेगा?

वक्त है जवाबदेही तय करने का, अब यह आवश्यक हो गया है कि:

  • हर शराब दुकान पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए।
  • ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य किया जाए।
  • MRP से अधिक कीमत वसूली पर दोषियों पर कार्रवाई हो।
  • आबकारी विभाग के अफसरों की जवाबदेही तय की जाए।

कागज़ी आदेश, जमीनी हकीकत

1 अप्रैल 2025 को आबकारी आयुक्त द्वारा आदेश जारी किया गया था कि हर शराब दुकान पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए और तय मूल्य पर ही शराब बेची जाए। लेकिन इंदौर जैसे बड़े शहर में दो महीने बाद भी न तो रेट लिस्ट लगी, न ही मूल्य नियंत्रण लागू हुआ। यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक संगठित लूट का संकेत है।

जबलपुर कलेक्टर ने जरूर कुछ दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही है। बाकी जिलों में स्थिति जस की तस बनी हुई है, जो इस बात को और पुख्ता करती है कि कहीं न कहीं 'ऊपरी संरक्षण' भी काम कर रहा है।

सत्ता की चुप्पी या सहमति?

उमंग सिंघार ने उपमुख्यमंत्री और आबकारी विभाग के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा को भी इस मामले में घेरा है। उनका कहना है कि इतनी व्यापक अनियमितता की जानकारी मंत्री को न हो, यह मुमकिन नहीं। या तो उन्होंने कार्रवाई नहीं की, या फिर उन्हें करने नहीं दिया गया।

शराब की असल कीमत और उपभोक्ताओं से वसूले जा रहे दामों के बीच का अंतर ही इस पूरे घोटाले का मूल है। यही वह मार्जिन है जिससे करोड़ों का अवैध लाभ कमाया जा रहा है - और यह लाभ किसी एक दुकान या ठेकेदार तक सीमित नहीं।

जनता का सवाल - "अगर राजधानी में कानून का ये हाल है, तो कानून नाम की चीज बची कहां है?"

यह सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि उस सच्चाई की तस्वीर है जो अब तक दबाई जा रही थी। सरकार, प्रशासन और जनता - अब सभी को जागना होगा, क्योंकि शराब के नशे के साथ अब सिस्टम भी नशे में है - लालच और लापरवाही के नशे में।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+