MP News: भोपाल में हिंदू छात्राओं से रेप और वीडियो स्कैंडल, फरहान की गिरफ्तारी, अबरार और नबील फरार
MP News: भोपाल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें हिंदू छात्राओं के साथ रेप और उनके वीडियो बनाकर पॉर्न साइट्स पर बेचने की साजिश का खुलासा हुआ है।
मुख्य आरोपी फरहान, जिसने अपने दो साथियों अबरार और नबील के साथ मिलकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया, 13 अप्रैल को पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। हालांकि, अबरार और नबील अभी भी फरार हैं, और पुलिस उनकी तलाश में पश्चिम बंगाल और बिहार में छापेमारी कर रही है।

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इंदौर में रहने वाली एक छात्रा ने फरहान को इग्नोर करना शुरू कर दिया। फरहान, जो पहले से ही उस छात्रा को धमकियां दे चुका था और उसके घर पर हंगामा कर चुका था, ने उसे और उसकी बहन को "सबक सिखाने" की ठानी। इसके लिए उसने अपने कॉलेज के जूनियर और विश्वसनीय साथियों, अबरार और नबील, के साथ मिलकर एक खतरनाक योजना बनाई।
अबरार और नबील ने फरहान को सुझाव दिया कि वह छात्राओं के साथ रेप के वीडियो बनाकर उन्हें पॉर्न साइट्स पर बेच सकता है। दोनों ने अपने मोबाइल फोनों के जरिए ऑनलाइन पॉर्न वीडियो बेचने की डील करने का तरीका भी सीख लिया था। इस साजिश के तहत, उन्होंने कई हिंदू छात्राओं को निशाना बनाया।
अपराध का तरीका
आरोपियों का तरीका सुनियोजित और क्रूर था। अबरार और नबील छात्राओं को पढ़ाई या पार्टी के बहाने अपने कमरे में बुलाते थे। कमरे में पहले से ही फरहान और अन्य साथी मौजूद होते थे। खास स्थानों पर मोबाइल फोन वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए सेट किए जाते थे।
पार्टी के नाम पर लाउड म्यूजिक बजाया जाता और छात्राओं को गांजे से भरी सिगरेट और शराब मिली कोल्ड ड्रिंक दी जाती थी। इसके बाद, आरोपी बारी-बारी से कमरे से बाहर चले जाते थे। फिर फरहान छात्राओं के साथ मारपीट कर रेप करता था। इन अपराधों के वीडियो बनाए जाते और फरहान, अबरार, नबील, और उनके एक अन्य साथी अली के बीच शेयर किए जाते थे।
MP News: वीडियो का दुरुपयोग और ब्लैकमेल
आरोपियों ने इन वीडियो को अपने मोबाइल और लैपटॉप में सिक्योर फोल्डर में सेव कर रखा था। जब कोई छात्रा उनके बुलाने पर नहीं आती थी, तो उसे वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती थी। इस तरह, वे छात्राओं को लगातार ब्लैकमेल करते और अपने जाल में फंसाए रखते थे।
अबरार और नबील न केवल कमरे का इस्तेमाल करने के लिए फरहान से पैसे लेते थे, बल्कि छात्राओं को लाने और छोड़ने का काम भी करते थे। उनकी भूमिका इस अपराध में उतनी ही महत्वपूर्ण थी जितनी फरहान की।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की फरारी
इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गुपचुप तरीके से जांच शुरू की। 13 अप्रैल को फरहान को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही अबरार और नबील भोपाल से फरार हो गए। पुलिस ने इन दोनों की तलाश में पश्चिम बंगाल और बिहार में दो टीमें तैनात की हैं।
पिछले पांच दिनों में पुलिस ने आरोपियों के दस से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की और उनके एक दर्जन से अधिक रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ की। अबरार की आखिरी लोकेशन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ट्रेस की गई थी, लेकिन वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। दोनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं, जिससे पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी चुनौतीपूर्ण हो रही है।
MP News: सामाजिक और कानूनी प्रभाव
इस मामले ने भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सनसनी मचा दी है। छात्राओं और उनके परिवारों में डर का माहौल है। इस घटना ने कॉलेज परिसरों में सुरक्षा और छात्राओं के शोषण के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फरहान से पूछताछ में कई अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अबरार और नबील की गिरफ्तारी इस मामले को पूरी तरह से उजागर करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।












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