MP News: सागर में दिल दहला देने वाली घटना, मां ने 4 बेटियों को कुएं में फेंका, फिर खुद फांसी लगाई
MP News sagar: मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। केसली थाना क्षेत्र के खमरिया गांव (नन्ही देवरी खमरिया) में एक मां ने अपनी ही चार मासूम बेटियों को कुएं में फेंककर उनकी हत्या कर दी और इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इस खौफनाक घटना में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। घटना सामने आते ही पूरे गांव और आसपास के इलाके में मातम और सनसनी का माहौल बन गया।

देर रात हुई घटना, सुबह हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार यह घटना गुरुवार 12 मार्च 2026 की देर रात या शुक्रवार सुबह के बीच हुई। मृतक महिला की पहचान सविता लोधी (करीब 28-30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो खमरिया गांव की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि सविता ने रात के समय अपनी चारों बेटियों-अंशिका (7 वर्ष), रक्षा (5 वर्ष), दीक्षा (3 वर्ष) और सबसे छोटी मनीषा (करीब 5 माह)-को घर के पास खेत में बने कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह घर लौटी और पास ही लगे बेर के पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
सुबह जब ग्रामीणों ने महिला का शव पेड़ पर लटका देखा तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने आसपास जांच की तो कुएं में चारों बच्चियों के शव भी मिले। इसके बाद सभी शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस जांच में क्या सामने आया
घटना की सूचना मिलते ही केसली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह मामला सामूहिक हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला का पति चंद्रभान लोधी मजदूरी के सिलसिले में घर से बाहर गया हुआ था। घटना के समय घर में सास और ननद मौजूद थीं, लेकिन उन्हें रात में इस घटना की जानकारी नहीं हो सकी।
पुलिस का कहना है कि अभी घटना के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव, आर्थिक तंगी या मानसिक दबाव जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है।
गांव में पसरा मातम, ग्रामीण सदमे में
इस दर्दनाक घटना के बाद खमरिया गांव और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। जैसे ही खबर फैली, गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। चार मासूम बच्चियों की एक साथ मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी भयावह घटना कभी नहीं देखी।
गांव की महिलाएं और बच्चे खास तौर पर इस घटना से सदमे में हैं। कई ग्रामीण रो-रोकर बेहाल हैं और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर एक मां अपने ही बच्चों के साथ ऐसा कैसे कर सकती है।
सागर जिले में बढ़ती ऐसी घटनाएं चिंता का विषय
गौरतलब है कि सागर जिले में हाल के दिनों में इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। कुछ दिन पहले ही जिले के हिन्नोद गांव में भी एक महिला ने अपनी 5 साल की बेटी के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियों और पारिवारिक समस्याओं की गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर रही हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक दबाव और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। कई बार महिलाएं अकेलेपन, तनाव और समस्याओं के कारण मानसिक रूप से टूट जाती हैं और ऐसे चरम कदम उठा लेती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग बहुत जरूरी होता है।
पुलिस जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद घटना के कारणों को लेकर और स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे सागर जिले में शोक की लहर है और लोग मासूम बच्चियों की मौत से बेहद दुखी हैं। गांव के लोग मृतक बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।












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