भोपाल-जबलपुर हाईवे पर रेलवे ओवरब्रिज फिर ढहा, बड़ा हादसा टला — 4 साल में दूसरी बार सवालों के घेरे में निर्माण
MP News Jabalpur Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को जबलपुर से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 पर शाहपुरा के पास स्थित रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा एक बार फिर ढह जाने से हड़कंप मच गया। यह ओवरब्रिज करीब चार साल पहले ही बनकर तैयार हुआ था, लेकिन इसके बावजूद लगातार सामने आ रही खराबियों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि ब्रिज का एक हिस्सा पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त था और एहतियात के तौर पर यातायात केवल एक लेन से संचालित किया जा रहा था। अब दूसरे हिस्से के भी क्षतिग्रस्त हो जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है तथा मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हो गई है।

कैसे गिरा हिस्सा
जानकारी के अनुसार जबलपुर-भोपाल मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनाए गए इस ओवरब्रिज का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे NH-45 पर लंबा जाम लग गया। हालांकि गनीमत रही कि घटना के समय पुल के नीचे या आसपास कोई वाहन मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यह वही पुल है जिसका एक हिस्सा दिसंबर महीने में भी टूटकर गिरा था, लेकिन उसके बाद स्थायी समाधान नहीं किया गया। पुल के पास ही रेलवे क्रॉसिंग होने के कारण यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।
ओवरब्रिज की लागत करीब 391 करोड़
बताया जाता है कि इस ओवरब्रिज का निर्माण बांगड़ कंपनी द्वारा किया गया था और इसकी लागत करीब 391 करोड़ रुपये आई थी। परियोजना का काम वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और 2022 में इसे पूरा किया गया था। इतने कम समय में पुल के हिस्सों का बार-बार क्षतिग्रस्त होना निर्माण और रखरखाव दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर दरारें पहले से दिखाई दे रही थीं, लेकिन समय रहते प्रभावी मरम्मत नहीं की गई।
यातायात शहर के अंदर से डायवर्ट
हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल यातायात को शाहपुरा शहर के अंदर से डायवर्ट कर दिया, जिससे अंदरूनी सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों की टीम पहुंची तथा स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई है और पुल की तकनीकी जांच की तैयारी की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों की मांग है कि पुल की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।












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