MP News: डबरा नवग्रह मंदिर पर विवाद, दामोदर यादव ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, सरकारी जमीन कब्जे का आरोप
MP News Dabra Navagraha Temple: ग्वालियर अंचल की सियासत एक बार फिर धर्म, ज़मीन और सत्ता के त्रिकोण में उलझती नजर आ रही है। डबरा के बहुचर्चित नवग्रह मंदिर मामले ने अब राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आज़ाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य और दलित-पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव मण्डल ने इस मुद्दे को सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के दरबार तक पहुँचा दिया है।
दतिया में आयोजित पत्रकार वार्ता में दामोदर यादव ने कहा कि डबरा के नवग्रह मंदिर की आड़ में अरबों रुपये की सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग की है कि नवग्रह मंदिर को सरकारी मंदिर घोषित कर धर्मस्व विभाग के अधीन लिया जाए और उसका संचालन ग्वालियर जिला प्रशासन को सौंपा जाए।

"धर्म की आड़ में ज़मीन हथियाने की साज़िश"
दामोदर यादव ने आरोप लगाया कि डबरा में जिस ज़मीन पर नवग्रह मंदिर संचालित हो रहा है, वह मूल रूप से शुगर मिल के लिए सरकार द्वारा लीज पर दी गई थी। सैकड़ों एकड़ भूमि का यह मामला केवल डबरा या दतिया तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ग्वालियर अंचल की जनता इससे परिचित है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब लीजधारक को दान पत्र लिखने का अधिकार ही नहीं होता, तो फिर किस वैधानिक प्रक्रिया के तहत वह भूमि ट्रस्ट के नाम कर दी गई? "यह सीधा-सीधा नियमों की अनदेखी है। सरकार को तत्काल इसकी उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए," उन्होंने कहा।
"सरकार ले आधिपत्य, हो पारदर्शी संचालन"
यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नवग्रह मंदिर को सरकारी मंदिर घोषित किया जाए। उनका तर्क है कि यदि यह आस्था का विषय है, तो उसका संचालन भी पारदर्शी और विधिसम्मत होना चाहिए। धर्मस्व विभाग के अधीन लाकर जिला प्रशासन के माध्यम से मंदिर का संचालन कराया जाए ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय या भूमि घोटाले की आशंका समाप्त हो सके।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास इस कथित भूमि घोटाले से जुड़े कई दस्तावेज़ और सबूत हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री को भेजा जा रहा है। कुछ दस्तावेज़ मीडिया के समक्ष भी प्रस्तुत किए गए। "यदि सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हम न्यायालय की शरण में जाएंगे। लेकिन किसी भी कीमत पर धर्म की आड़ में धंधा नहीं करने देंगे," यादव ने चेतावनी दी।
11 मार्च को डबरा पहुंचेगी संकल्प यात्रा
दामोदर यादव ने बताया कि ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर नागपुर से ग्वालियर तक निकाली जा रही 'संकल्प यात्रा' 11 मार्च को हजारों समर्थकों के साथ पैदल मार्च करते हुए डबरा पहुंचेगी। वहां एक विशाल रैली और सभा का आयोजन किया जाएगा।
इस यात्रा का उद्देश्य केवल प्रतिमा स्थापना की मांग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डबरा के नवग्रह मंदिर प्रकरण को भी जनता के बीच प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया जाएगा। यादव ने कहा कि रैली के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि किस प्रकार आस्था के साथ खिलवाड़ कर धर्म की आड़ में कारोबार खड़ा किया जा रहा है।
धार्मिक मठाधीशों पर भी साधा निशाना
पत्रकार वार्ता में यादव ने कई चर्चित धार्मिक कथावाचकों और संतों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर चल रहे इस कथित नेटवर्क में बड़े-बड़े मठाधीशों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री, प्रदीप मिश्रा और देवकीनंदन ठाकुर सहित अन्य नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म को उद्योग का रूप देने की प्रवृत्ति पर लगाम लगनी चाहिए।
सियासत गरमाने के आसार
डबरा का नवग्रह मंदिर मामला अब केवल धार्मिक या प्रशासनिक प्रश्न नहीं रह गया है। यह मुद्दा राजनीतिक संघर्ष का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर दामोदर यादव सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और जांच की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े पक्षों की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ग्वालियर अंचल में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो चुकी है। यदि सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो 11 मार्च की प्रस्तावित रैली इस विवाद को और व्यापक रूप दे सकती है। फिलहाल सबकी निगाहें मुख्यमंत्री मोहन यादव के रुख और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।












Click it and Unblock the Notifications