MP News: किसानों के लिए ऐतिहासिक तोहफा, अब ऐसे मिलेगा पूरा मुआवजा, कृषि मंत्री शिवराज ने दी बड़ी जानकारी
मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के किसानों के लिए नई साल से पहले केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक तोहफा दिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा, "आज आपको एक बहुत बड़ी खुशखबरी दे रहा हूं।
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है।" उन्होंने बताया कि अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दो सबसे बड़े नुकसान भी पूरी तरह कवर कर लिए गए हैं, जिनकी मांग किसान सालों से कर रहे थे।

शिवराज सिंह चौहान ने खुशी भरे लहजे में कहा, "पहले प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, ओलावृष्टि, आंधी-तूफान से फसल खराब होने पर ही मुआवजा मिलता था, लेकिन दो बड़े नुकसान कवर नहीं थे। पहला - जंगली जानवरों (नीलगाय, जंगली सुअर, हिरण, बंदर) से होने वाला भारी नुकसान, और दूसरा - अतिवृष्टि के कारण बाढ़ या खेतों में जलभराव से फसल सड़ने का नुकसान।
अब मैं आपको प्रसन्नता के साथ बता रहा हूं कि ये दोनों नुकसान भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पूरी तरह शामिल कर लिए गए हैं। चाहे जंगली जानवर आपकी फसल चट कर जाएं या बारिश के कारण खेत में पानी भर जाए और फसल सड़ जाए, दोनों ही स्थितियों में किसान भाइयों को पूरा-पूरा मुआवजा मिलेगा।"
कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से धन्यवाद देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद! यह किसानों के प्रति उनकी संवेदनशीलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।" उन्होंने किसानों से अपील की, "अब देर मत कीजिए। तुरंत अपनी फसल का बीमा करवाइए। रबी सीजन का बीमा अभी चल रहा है, जल्द से जल्द नजदीकी बैंक, सहकारी समिति या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बीमा करवा लीजिए।"

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए विशेष राहत
मध्य प्रदेश में जंगली जानवरों और जलभराव से हर साल लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो जाती है। विशेष रूप से विदिशा, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला जैसे जिलों में नीलगाय और जंगली सुअर किसानों की कमर तोड़ देते हैं। वहीं, ग्वालियर-चंबल, भोपाल, उज्जैन, इंदौर संभाग में अतिवृष्टि और जलभराव से सोयाबीन, धान, उड़द जैसी फसलों का भारी नुकसान होता है। पिछले साल ही मध्य प्रदेश में करीब 22 लाख हेक्टेयर फसल जंगली जानवरों से प्रभावित हुई थी, जिसके लिए किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिल पाया था। अब इस नई व्यवस्था से प्रदेश के करीब 80 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
कैसे करवाएं फसल बीमा?
- रबी फसल (गेहूं, चना, मसूर, सरसों आदि) का बीमा 31 दिसंबर 2025 तक करवाया जा सकता है।
- प्रीमियम बेहद कम: गेहूं पर 2%, चना-सर्सों पर 1.5%, अन्य फसलों पर 5%।
- बीमा करवाने के लिए नजदीकी बैंक, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति, जन सेवा केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल pmfby.gov.in पर जाएं।
- आधार कार्ड, बैंक खाता, खसरा-खतौनी और फसल की बुवाई का प्रमाण जरूरी।
किसानों में खुशी की लहर
मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया है। भोपाल जिले के फंदा क्षेत्र के किसान रामस्वरूप यादव ने कहा, "हर साल नीलगाय हमारी सोयाबीन और गेहूं चट कर जाती थी, कुछ नहीं मिलता था। अब मन में सुकून है।" वहीं, होशंगाबाद के किसान संघ के अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा, "शिवराज जी ने मध्य प्रदेश के किसानों की सबसे बड़ी पीड़ा दूर कर दी। यह हमारे लिए दिवाली से भी बड़ा त्योहार है।"
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों में शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक किसान बीमा से जुड़ सकें। विभाग का लक्ष्य इस रबी सीजन में 1.5 करोड़ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र का बीमा करना है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंत में कहा, "यह योजना किसानों की ढाल बनेगी। अब कोई भी प्राकृतिक आपदा या जंगली जानवर आपकी मेहनत बर्बाद नहीं कर पाएगा। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में किसान अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।" इस घोषणा के बाद पूरे देश में किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है और गांव-गांव में बीमा करवाने की होड़ शुरू हो गई है।












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